हलैना
किसान नेता और पूर्व जिला पार्षद इन्दल सिंह जाट ने कहा कि राज्य सरकार और जल संसाधन विभाग को पांचना बांध से समय-समय पर पानी छोड़ने का लिखित कार्यक्रम घोषित करना चाहिये।
इन्दल सिंह ने एक बयान जारी कर कहा कि लम्बे समय से पांचना बांध से गम्भीर नदी में बिल्कुल पानी नहीं छोड़ा जाता और बांध में पूरे साल बेकार ही पानी भरा रहता है जबकि उस समय गम्भीर नदी से जुड़े किसानों को पानी की जरूरत होती है। लेकिन तब एक बूंद भी पानी नहीं छोड़ा जाता। जबकि बांध भरा रहता है। जिसकी वजह सें बरसात के दिनों में बांध के टूटने और बाढ़ का प्रतिवर्ष खतरा बना रहता है जिसका भारी खामियाजा भरतपुर जिले को भुगतना पड़ता है।
इन्दल सिंह ने कहा कि अगर गर्मियों के दिनों में बांध से पानी छोड़ दिया जाये तो यह बर्बादी रुक जायेगी। उन्होंने कहा कि बांध के खाली नहीं होने के कारण उसमें सिल्ट जमा है उस हो गई है। बांध में पानी का गेज 11.58 मीटर है जिसमें पानी की मात्रा 59.43 मिलियन क्यूबिक मीटर है। इन्दल सिंह ने बताया कि पांचना बांध के समीपवर्ती ग्राम बासियों को भी पानी अधिक भरा रहने के कारण उनकी मवेसी और लोगों के डूबने की प्रतिवर्ष दुघर्टनाएं होती रहती हैं।
इन्दल सिंह ने कहा कि पांचना का बांध बाढ़ रोकने के लिये ही बनाया गया था। ना कि भरतपुर जिले और गम्भीर नदी के पानी को रोकने के लिये। उन्होंने कहा कि भरतपुर जिले के अधिकांश राजनेताओं ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण नुकसान जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भरतपुर जिले में एक दर्जन से अधिक मौत गम्भीर नदी में डूबने से लोगों की हुई है और खेती बर्बाद हो गई है। इसलिए सरकार को बांध का सदुपयोग करने और दुर्घटनाएं रोकने के लिये राज्य सरकार को इस पर विचार करना चाहिये और इस पानी के बंटवारे का भी प्रोग्राम निर्धारित करना चाहिये। ताकि भरतपुर स्थित केवलादेव नेशनल पार्क को पानी मिल सके तथा यहां के होटल और पर्यटन को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने किसानों की बर्बाद फसल का मुआवजा देने की भी मांग की।
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