जयपुर के SMS अस्पताल में सरकारी दवाओं की चोरी का बड़ा मामला सामने आया। संविदा पर कार्यरत फार्मासिस्ट 1500 रुपये लेकर महंगे इंजेक्शन और दवाएं बाहरी युवक को दे रहा था। सुरक्षा गार्डों ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में मरीजों के लिए रखी गई महंगी दवाओं की चोरी का मामला सामने आया है। अस्पताल के दवा वितरण केंद्र (DDC) पर तैनात एक संविदाकर्मी फार्मासिस्ट को महंगे इंजेक्शन, एनएस की बोतलें और अन्य चिकित्सा सामग्री एक बाहरी युवक को बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से चोरी की पूरी खेप बरामद कर ली गई।
फोन-पे से लिए 1500 रुपये, फिर बैग में भर दी दवाएं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संविदा पर कार्यरत फार्मासिस्ट बबन ने बाहरी युवक मनोज कुमार यादव से पहले सौदा तय किया। आरोप है कि युवक ने फोन-पे के जरिए 1500 रुपये का भुगतान किया, जिसके बाद फार्मासिस्ट ने चरक भवन स्थित स्टोर और DDC-14 काउंटर से महंगी दवाएं, इंजेक्शन, सीरिंज और एनएस की बोतलें निकालकर एक डिब्बे के जरिए युवक के बैग में रख दीं।
गार्ड पहले से कर रहे थे निगरानी, गेट पर खुल गई पोल
अस्पताल में दवा चोरी की सूचना पहले ही सुरक्षा एजेंसी रेस्को के गार्डों तक पहुंच चुकी थी। इसके बाद उन्होंने दोनों पर नजर रखी। जैसे ही फार्मासिस्ट और युवक अस्पताल के बांगड़ स्थित मुख्य गेट की ओर पहुंचे, सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान युवक के बैग से बड़ी मात्रा में एंटीबायोटिक इंजेक्शन, एनएस की बोतलें, सीरिंज और अन्य दवाएं बरामद हुईं।
मरीज के नाम पर बचने की कोशिश, डॉक्टर ने खोली सच्चाई
पकड़े जाने पर युवक ने दावा किया कि वह अस्पताल में भर्ती अपने परिचित मरीज के लिए दवाएं ले जा रहा है। लेकिन जब संबंधित वार्ड के रेजिडेंट डॉक्टर से इस बारे में पुष्टि की गई तो उन्होंने ऐसी किसी दवा की मांग या मरीज की जानकारी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों की कहानी मौके पर ही बेनकाब हो गई।
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चरक भवन स्थित वेयरहाउस के प्रभारी श्याम गुप्ता ने बताया कि आरोपी फार्मासिस्ट पिछले करीब दो वर्षों से अलग-अलग स्थानों पर संविदा के आधार पर ड्यूटी कर रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कुछ दिन पहले ही उसे चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने चोरी की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी फार्मासिस्ट और बाहरी युवक के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस दवा चोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
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