FSSAI ने FOLINEURO Syrup और Neuherbs TRUE VITAMIN की बिक्री पर रोक लगाई है। भ्रामक दावों, लेबलिंग और नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई।
नई दिल्ली। हेल्थ सप्लीमेंट खरीदते समय पैकेट पर लिखे नाम और तस्वीरें अक्सर ग्राहक को यह भरोसा दिला देती हैं कि उत्पाद किसी खास स्वास्थ्य लाभ के लिए बनाया गया है। लेकिन अब FSSAI ने ऐसे ही दावों और लेबलिंग को लेकर दो हेल्थ सप्लीमेंट्स पर सख्त कदम उठाया है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने ‘FOLINEURO Syrup’ और ‘Neuherbs TRUE VITAMIN’ की बिक्री पर रोक लगा दी है। नियामक ने इन उत्पादों के नाम, पैकेजिंग और किए जा रहे दावों को लेकर नियमों के उल्लंघन और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने की आशंका जताई है।
पैकेट पर बना दिमाग और नाम ने खड़े किए सवाल
FSSAI के निशाने पर आया Vatave Health Care का ‘FOLINEURO Syrup – Folinic Acid Syrup’ है। नियामक के मुताबिक, उत्पाद का नाम ‘FOLINEURO’ और पैकेज पर मस्तिष्क की तस्वीर उपभोक्ताओं के बीच यह धारणा बना सकती है कि यह उत्पाद विशेष रूप से मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
यही नहीं, जांच के दौरान उत्पाद की श्रेणी को लेकर भी सवाल सामने आया। इसे ‘Nutritional Food Supplement’ के तौर पर पेश किया गया था, जबकि FSSAI के अनुसार Food Safety and Standards (Health Supplements and Nutraceuticals) Regulations, 2016 में ऐसी कोई श्रेणी निर्धारित नहीं है।
FSSAI ने इसे Food Safety and Standards Act, 2006 के प्रावधानों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन माना है।
FOLINEURO पर क्या-क्या रोका गया?
नियामक ने इस उत्पाद के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है। यानी कार्रवाई सिर्फ दुकानों में बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन के अलग-अलग स्तरों पर लागू होगी।
दूसरे प्रोडक्ट ‘TRUE VITAMIN’ पर भी गिरी गाज
FSSAI ने एक अन्य कार्रवाई में Global Healthfit Retail India Private Limited द्वारा बेचे जा रहे ‘Neuherbs TRUE VITAMIN’ की बिक्री पर भी रोक लगा दी।
नियामक के अनुसार, ‘TRUE VITAMIN’ नाम अपने आप में ऐसा प्रभाव पैदा कर सकता है, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। FSSAI ने इसे मौजूदा नियमों के अनुरूप नहीं माना है।
कंपनी को 30 दिन का समय, वरना अगली कार्रवाई
FSSAI ने कंपनी को उत्पादों के लेबल और विज्ञापनों से सभी भ्रामक दावों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कंपनी को 30 दिनों के भीतर Action Taken Report यानी की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।
नियामक ने साफ किया है कि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित कंपनी के खिलाफ आगे नियामकीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
FSSAI का सख्त संदेश—लेबल और दावे भी जांच के दायरे में
FSSAI की यह कार्रवाई सिर्फ दो उत्पादों तक सीमित संदेश नहीं देती, बल्कि हेल्थ सप्लीमेंट्स के नाम, लेबल, पैकेजिंग और विज्ञापन में किए जाने वाले दावों को लेकर भी नियामक की सख्ती दिखाती है।
यानी अब हेल्थ सप्लीमेंट खरीदते समय सिर्फ यह देखना काफी नहीं होगा कि पैकेट पर कौन-सा फायदा लिखा है—उस दावे की वैधता और उत्पाद की नियामकीय श्रेणी भी अहम होगी।
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