अहमदनगर
महाराष्ट्र के अहमदनगर से बहुत बड़ी और दुखद बड़ी खबर आ रही है। यहां के सिविल अस्पताल में भीषण आग लग गई जिससे 11 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है। जबकि 6 मरीज झुलस गए हैं। घायल मरीजों का इलाज किया जा रहा है.अहमदनगर के कलेक्टर राजेंद्र भोसले ने घटना की पुष्टि की है।
आग की वजह एसी में शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। कोरोना वार्ड में 25 लोग भर्ती थे,आग सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड में शनिवार सुबह 11.30 बजे के आसपास लगी। जिस दौरान यह आग लगी, उस समय ICU वार्ड में 20 लोग मौजूद थे। ICU में कई मरीज ऐसे भी थे, जो वैंटिलेटर पर थे। हॉस्पिटल के वार्ड बॉय, नर्स और डॉक्टर्स ने सभी मरीजों को सेफ वार्ड में शिफ्ट किया। जिस वार्ड में आग लगी, वह अस्पताल के बिलकुल बीच में है।
आग की तस्वीरें बेहद भयानक आ रही हैं।अस्पताल से धुएं का गुबार निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। उसके सामने एक व्यक्ति भाग रहा है। आग लगते ही अस्पताल में चीख पुकार मच गई। मरीज असहाय और बदहवास चिल्लाते रहे। जब कोरोना वार्ड में आग पहुंची तो वहां डरावना दृश्य था। कई मरीज बेबस थे और भाग नहीं पा रहे थे। इस आपाधापी में 11 मरीजों की मौत हो गई और 6 मरीज झुलस गए। कोरोना वार्ड के बेड, दवाएं, मेडिकल साजो सामान तक चल गए हैं। वार्ड में टूट फूट जैसी स्थिति है। सारी दीवारें काली पड़ गई हैं।
फायर ऑडिट की होगी जांच
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने कहा है कि ये आग अस्पताल के नए बने आईसीयू वार्ड में लगी थी। इस आईसीयू वार्ड में कोरोना के मरीज थे। उन्होंने कहा कि ये घटना गंभीर है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों को स्पष्ट आदेश दिया गया था कि वे अपने यहां फायर सेफ्टी ऑडिट कराएं। अब ये जांच की जाएगी कि इस अस्पताल ने फायर सेफ्टी ऑडिट करवाई थी या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मौतें हुई है उनके परिवार के लिए मुआवजे दिया जाएगा।
विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है। भाजपा नेता ने कहा कि अहमदनगर से बहुत ही चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर है। नगर सिविल अस्पताल आग की घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। उन्होंने इस हादसे की गहराई से जांच करने की मांग की और कहा कि सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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