जयपुर
गहलोत सरकार के मंत्री डा. सुभाष गर्ग का करीबी जयपुर के REET कोऑर्डिनेटर प्रदीप पाराशर को SOG ने REET-2021 Paper Leak Scam मामले में दो दिन की गहन पूछताछ के बाद अब गिरफ्तार कर लिया है। अब SOG माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बर्खास्त अध्यक्ष डीपी जारौली को भी SOG पूछताछ के लिए बुलाएगी। इसके बाद जारौली की भी गिरफ्तारी हो सकती है। गिरफ्तारी से पहले SOG प्रदीप पाराशर और डीपी जारौली को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। इस बीच मंत्री सुभाष गर्ग ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उनके ऊपर लगे आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया और कहा कि राजनीतिक विरोधियों द्वारा उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश की जा रही है।
पेपर लीक मामले में गिरफ्तार रामकृपाल मीणा की निशानदेही पर प्रदीप पाराशर को गिरफ्तार किया गया। राम कृपाल मीणा एक निजी कॉलेज चलाता है, उसके बावजूद उसे परीक्षा संचालन समिति में पराशर ने रखा था। अब जल्दी ही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बर्खास्त चेयरमैन डीपी जारौली को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। जरौली भी मंत्री डा. सुभाष गर्ग के करीबी हैं।
मीडिया के सामने आए सुभाष गर्ग, बोले; उनकी छवि ख़राब करने की हो रही है कोशिश
इस बीच REET पेपर लीक मामले में आरोपों को लेकर मंत्री डा.सुभाष गर्ग सोमवार को मीडिया के सामने आए और कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं। गर्ग ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दोस्त भी हो सकते हैं कुछ राजनीतिक दुश्मन भी हो सकते हैं। वे पहली बार विधायक और मंत्री बने हैं। ऐसे में कुछ लोग जो ईर्ष्या रखते हैं। वह इस समय सक्रिय होकर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि बोर्ड और विश्वविद्यालयों में नियुक्ति सर्च कमेटी की सिफारिश के आधार पर होती है।
गर्ग ने कहा कि कोई भी गलती करें चाहे वह सुभाष गर्ग हो हो या कोई और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कानून अपना काम करेगा और कानून से ऊपर कोई नहीं है। लेकिन जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए। उनके ऊपर अनावश्यक रूप से दबाव नहीं बनाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को लेकर मीडिया ट्रायल के माध्यम से एक माहौल बनाया जा रहा है। जबकि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद किरोड़ीलाल मीना इस मामले में बार-बार बयान दे रहे हैं कि उनके पास कई सबूत हैं। उन सबूतों को भी एसओजी को अपनी जांच में शामिल किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि भाजपा के राज्यसभा सांसद डा. किरोड़ीलाल मीणा ने रविवार को यह आरोप लगाया था कि पेपर लीक मामले में मंत्री सुभाष गर्ग शामिल हैं। मीणा ने कहा कि सभी के सभी घोटालेबाज राजीव गांधी स्टडी सर्किल से जुड़े हुए हैं। डीपी जारौली और पाराशर भी राजीव गांधी स्टडी सर्किल के पदाधिकारी हैं।
मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि इसमें सीकर का एक बड़ा नेता भी शामिल है, जहां पर एक कोचिंग सेंटर में प्रश्न पत्र सेट करने के लिए बोर्ड को दिए गए थे। इधर राज्य सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज विजय कुमार की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति बनाई है, जो 45 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।
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