अजब-गजब
एक वकील ने अपनी शादी का एक अनूठा कार्ड ही छपवा दिया। शादी का यह अनोखा कार्ड इसके यूनिक कंटेंट की वजह से खूब चर्चा में है। इसलिए यह कार्ड देखने व पढ़ने में काफी रोचक भी हो गया है। आम तौर पर आपने देखा होगा कि शादी के कार्ड में मेहमानों से विवाह में शामिल होने की अपील की जाती है, लेकिन इस कार्ड में बिल्कुल उल्टा है। आइए जानते हैं कि इस कार्ड में आखिर ऐसा क्या है?
इस शादी के कार्ड को असम के एक वकील ने छपवाया है, जिसे पढ़ने के बाद लोग हैरान भी हैं और खूब मजे भी ले रहे हैं। इस शादी के कार्ड को संविधान थीम पर बनाया गया है। कार्ड की खास बात ये है कि इस कार्ड में विवाह से संबंधित कानून व अधिकारों का उल्लेख किया गया है। इस तरह का कार्ड पहली बार देखने को मिला है जिसमें शादी से पहले ही विवाह के अधिकार व कानूनों के बारे में जानकारी अंकित की गई हो।
अपनी शादी को अलग और यादगार बनाने के लिए वकील ने पति पत्नी के समानता को दर्शाते हुए कार्ड में न्याय का तराजू बनाया है जिसमें दोनों ओर दूल्हा और दुल्हन दोनों के नाम बराबर से लिखे हुए हैं।
अपनी शादी के इस कार्ड में वकील ने लिखवाया है कि- ‘विवाह का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक घटक है। मेरे लिए इस मौलिक अधिकार का उपयोग करने का समय रविवार 28 नवंबर 2021 को है।’
आगे कार्ड में वकील ने लिखवाया है कि- ‘मैं आप सब से अपील करता हूं कि अनुच्छेद 19 (i) (B) (शांतिपूर्वक और बिना हथियारों के इकट्ठा होने का अधिकार) के तहत उपस्थित हों और अपना आशीर्वाद दें।’
सिर्फ यही नहीं कार्ड में ये भी लिखा गया है कि जब वकीलों की शादी होती है तो वे हां नहीं कहते हैं, बल्कि कहते हैं, ‘हम नियम और शर्तों को स्वीकार करते हैं। अब ये अनोखा शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस कार्ड को पढ़कर लोग जमकर मजे ले रहे हैं।
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