नई दिल्ली में ‘समाधान दीदी’ AI वॉयस चैटबॉट लॉन्च किया गया, जिससे अब नागरिक अपनी मातृभाषा में बोलकर सीधे सरकारी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह शिकायत निवारण व्यवस्था में बड़ा बदलाव है।
‘नई हवा’ की खबरों से जुड़ने के लिए हमारे WhatsApp Channel को follow करें ।
नई दिल्ली
नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने शिकायत निवारण प्रणाली में ऐसा कदम उठाया है, जिसने आम नागरिकों के लिए सरकारी दफ्तरों तक पहुंच की परिभाषा ही बदल दी है। अब न शिकायत लिखनी होगी, न यह समझना पड़ेगा कि समस्या किस विभाग की है—बस अपनी भाषा में बोलिए और सिस्टम खुद शिकायत दर्ज कर देगा।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कर्तव्य भवन में सीपीजीआरएएमएस के एआई-सक्षम वॉयस चैटबॉट ‘समाधान दीदी’ की शुरुआत की। यह पहल प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) और भाषिणी के सहयोग से विकसित की गई है।
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत यही है कि अब नागरिक अपनी मातृभाषा में बोलकर सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सिस्टम न केवल आवाज को समझेगा, बल्कि यह भी पहचान लेगा कि शिकायत किस विषय, विभाग या मंत्रालय से जुड़ी है और उसे स्वतः संबंधित इकाई तक भेज देगा।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इसे ‘लोक शिकायत निवारण व्यवस्था का लोकतंत्रीकरण’ बताते हुए कहा कि यह कदम शासन को आम नागरिक के और करीब लाने वाला है। उनके अनुसार, अब शिकायत प्रक्रिया में तकनीकी जटिलताओं की दीवार टूटेगी और आम व्यक्ति सीधे सिस्टम से जुड़ सकेगा।
‘समाधान दीदी’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह नागरिक से बातचीत कर आवश्यक सवाल पूछेगी और पूरी शिकायत को संरचित रूप में दर्ज करेगी। इससे न सिर्फ प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि शिकायतों के निस्तारण में गति और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सरकार का दावा है कि एआई आधारित यह प्रणाली शिकायत निवारण की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी और लंबित मामलों की संख्या में भी कमी लाएगी। साथ ही नागरिकों की भागीदारी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि देश में शिकायतों का दायरा लगातार बढ़ा है—2014 में जहां करीब 2 लाख शिकायतें आती थीं, वहीं अब यह संख्या 25 लाख से अधिक पहुंच चुकी है और निस्तारण दर 95 प्रतिशत से ऊपर है।
‘एक बटन और पूरा खाता लॉक’ | RBI ला रहा ‘किल स्विच’—डिजिटल पेमेंट फ्रॉड पर लगेगा डिजिटल ताला
‘समाधान दीदी’ को 22 संवैधानिक भाषाओं के साथ-साथ कई क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तार देने की तैयारी है, ताकि देश के हर कोने का नागरिक अपनी भाषा में सिस्टम से जुड़ सके।
इस नई पहल को सरकार AI आधारित सुशासन की दिशा में बड़ा बदलाव मान रही है, जहां तकनीक अब सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि नागरिक और शासन के बीच सीधा सेतु बनती दिख रही है।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
30 की उम्र में ही हड्डियां हो रहीं खोखली | ये आदतें चुपचाप शरीर को बना रही हैं ‘फ्रैक्चर मशीन’
‘नई हवा’ की खबरों से जुड़ने के लिए हमारे WhatsApp Channel को follow करें ।
