बारां जिले के मोठपुर और सारथल थानों में ACB की बड़ी कार्रवाई। रिश्वत मांगने के सबूत मिलने पर 2 थाना प्रभारियों और 2 कांस्टेबलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज। पढ़ें पूरी खबर।
जयपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बारां जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है, जिसने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि इस बार रिश्वत लेते हुए ट्रैप नहीं हो सका, लेकिन रिश्वत मांगने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही दो थाना प्रभारियों और दो कांस्टेबलों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। यानी एसीबी ने साफ संदेश दिया है कि रिश्वत की रकम हाथ में आए बिना भी भ्रष्टाचार के मामले में कानूनी शिकंजा कस सकता है।
पहला मामला: बेटे को छोड़ने के बदले 50 हजार की मांग
मोठपुर थाना प्रभारी देवकरण और कांस्टेबल कुलदीप मीणा पर आरोप है कि लड़की भगाने के मामले में हिरासत में लिए गए युवक को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये मांगे गए। शिकायत के बाद एसीबी ने पूरे घटनाक्रम का सत्यापन कराया। जांच में सामने आया कि 20 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे, जबकि बाकी रकम ट्रैप के दौरान ली जानी थी। लेकिन कार्रवाई की भनक मिलते ही दोनों पीछे हट गए। इसके बाद भी उनके खिलाफ डिमांड का केस दर्ज कर लिया गया।
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दूसरा मामला: मारपीट केस में राहत दिलाने की ‘रेट’ तय
सारथल थाना प्रभारी धर्मपाल यादव और कांस्टेबल कमलेश पर मारपीट के एक आरोपी को राहत दिलाने के लिए पहले 15 हजार रुपये मांगने और बाद में 10 हजार रुपये में सौदा तय करने का आरोप है। यहां भी ट्रैप से पहले पुलिसकर्मी सतर्क हो गए और रकम लेने से बचते रहे, लेकिन एसीबी के पास जुटाए गए साक्ष्य उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पर्याप्त साबित हुए।
दो अलग-अलग थानों के चार पुलिसकर्मियों पर एक साथ दर्ज हुए इन मामलों ने बारां पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। एसीबी अब दोनों प्रकरणों की विस्तृत जांच कर रही है।
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