एनसीसी की बेटियों को सलाम | आरडीसी से लौटे कदम, कैंपस में गूंजा सम्मान और जागरूकता का स्वर

राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा (Kota) में एनसीसी आर्मी विंग द्वारा सम्मान समारोह और स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन। आरडीसी कैडेट्स का अभिनंदन और कैंसर विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन।

कोटा 

कोटा के शैक्षणिक माहौल में अनुशासन, उपलब्धि और स्वास्थ्य चेतना का संगम देखने को मिला। राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा के एनसीसी आर्मी विंग ने ऐसा आयोजन रचा, जहां मंच पर सम्मान था और संदेश में सजग जीवन का संकल्प।

समारोह की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. सीमा चौहान ने की, जबकि पूरे आयोजन की रूपरेखा और संचालन एनसीसी अधिकारी डॉ. पारुल सिंह ने संभाला। उद्देश्य साफ था—वे बेटियां, जिन्होंने राष्ट्रीय मंचों पर महाविद्यालय का नाम रोशन किया, उन्हें न केवल सराहा जाए बल्कि बाकी छात्राओं के लिए प्रेरणा का जीवंत उदाहरण बनाया जाए।

नई दिल्ली में वर्ष 2026 की गणतंत्र दिवस परेड (आरडीसी) पूरी कर लौटी सीनियर अंडर ऑफिसर जाह्नवी चौधरी का सम्मान होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। विशिष्ट एनआईसी कैंप में सफल प्रतिभागिता करने वाली सार्जेंट एकता बाघ और जयपुर में आर्मी डे परेड में शामिल हुई 17 कैडेट्स को भी मंच पर गौरव के साथ अभिनंदित किया गया।

जब इन कैडेट्स ने अपने अनुभव साझा किए तो बात सिर्फ परेड की नहीं रही—उन्होंने नेतृत्व, आत्मविश्वास और पहल क्षमता के उन क्षणों को बयान किया, जिनसे उनका व्यक्तित्व निखरा। उनके शब्दों ने शेष कैडेट्स में एक नई ऊर्जा भर दी—’अगली बार मंच पर हम होंगे।’

प्राचार्या डॉ. सीमा चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी केवल वर्दी नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की पाठशाला है। अनुशासन और राष्ट्रीय भावना से सशक्त ये बेटियां ही कल का आत्मनिर्भर समाज गढ़ेंगी। उन्होंने स्वास्थ्य को सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बताते हुए छात्राओं से सजग जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

सम्मान के बाद कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण अध्याय शुरू हुआ—स्वास्थ्य जागरूकता शिविर। पुष्पादि कैंसर केयर सेंटर, कोटा से आए विशेषज्ञों ने छात्राओं से प्रत्यक्ष संवाद किया। ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनमोहन अग्रवाल और पैथोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मी अग्रवाल ने कैंसर समेत गंभीर रोगों के प्रारंभिक लक्षण, समय पर पहचान, संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित जांच की जरूरत पर विस्तार से चर्चा की।

विशेष रूप से प्रोफिलैक्टिक उपायों और जरूरी टीकों के महत्व को समझाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया—“सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।” छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे, शंकाएं दूर कीं और आत्म-देखभाल की नई समझ के साथ शिविर से निकलीं।

कार्यक्रम में डॉ. मीरा गुप्ता और डॉ. बिंदु चतुर्वेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। डॉ. त्रिभूनाथ दुबे, डॉ. पुनीता श्रीवास्तव, डॉ. रिजवान खान सहित अन्य संकाय सदस्यों और 110 कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को जीवंत बना दिया। अंत में डॉ. बिंदु चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों और प्रतिभागियों के प्रति औपचारिक आभार व्यक्त किया

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

938% की छलांग से बेनकाब! | कनिष्ठ सहायक के घर से निकला 75 लाख कैश, किलोभर सोना और आलीशान संपत्तियां

‘नई हवा’ की खबरों को Subscribe करने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।