जयपुर के बीलवा स्थित महिमा संसार स्प्रिंग विला फेज-II में बिजली कनेक्शन काटे जाने पर विवाद गहरा गया। निवासियों ने बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी पर प्रतिशोध में कार्रवाई का आरोप लगाया, पुलिस और RERA तक पहुंचा मामला।
जयपुर। राजधानी की एक रिहायशी टाउनशिप में बिजली कनेक्शन काटे जाने का विवाद अब कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। बीलवा स्थित महिमा संसार स्प्रिंग विला फेज-II के निवासियों का आरोप है कि बिल्डर और उसकी मेंटेनेंस एजेंसी के खिलाफ शिकायतें करना उन्हें भारी पड़ गया। उनका दावा है कि विरोध की आवाज उठाने के बाद वैध JVVNL बिजली कनेक्शन काट दिए गए, जिससे पूरे परिसर में हंगामा मच गया।
मामला बढ़ने पर पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति संभाली और कथित रूप से मेंटेनेंस स्टाफ को बिना कानूनी प्रक्रिया किसी का बिजली कनेक्शन नहीं काटने की चेतावनी दी। अब यह विवाद RERA तक पहुंच चुका है, जहां एजेंसी को भी कड़ी चेतावनी मिली है।
‘शिकायत बंद करो, नहीं तो बिजली-पानी बंद कर देंगे’
निवासियों का आरोप है कि 28 जुलाई को उन्हें मेंटेनेंस एजेंसी फाइनटेक के प्रतिनिधियों की ओर से फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश और व्यक्तिगत रूप से चेतावनी दी गई। कहा गया कि यदि बिल्डर और एजेंसी के खिलाफ चल रही शिकायतें वापस नहीं ली गईं तो बिजली और पानी की आपूर्ति रोक दी जाएगी।
निवासियों के मुताबिक कुछ ही समय बाद कई मकानों के वैध सरकारी बिजली कनेक्शन काट दिए गए। अचानक बिजली गुल होने से लोगों में आक्रोश फैल गया और टाउनशिप में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
पुलिस पहुंची, कहा- बिना अनुमति नहीं कटेगा कनेक्शन
हंगामे की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। निवासियों के अनुसार पुलिस ने दोनों पक्षों से बात की और स्पष्ट किया कि JVVNL की अनुमति या निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी भी उपभोक्ता का सरकारी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जा सकता।
घटना के बाद निवासियों ने संबंधित लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
RERA में भी गूंजा मामला, एजेंसी को चेतावनी
मामला जब RERA के सामने पहुंचा तो निवासियों ने कहा कि वे नियमित रूप से CAM (कॉमन एरिया मेंटेनेंस) शुल्क जमा कर रहे हैं और प्राधिकरण के अंतरिम आदेशों का पालन भी कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए।
सुनवाई के दौरान RERA ने मामले को गंभीर मानते हुए मेंटेनेंस एजेंसी को चेताया कि भविष्य में यदि ऐसी घटना दोहराई गई तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही प्राधिकरण ने एजेंसी के उस तर्क को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि निवासी JVVNL से स्वतंत्र बिजली कनेक्शन नहीं ले सकते। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है।
‘सरकारी कनेक्शन काटने का अधिकार निजी एजेंसी को नहीं’
निवासियों का कहना है कि स्प्रिंग विला फेज-II RERA के तहत अलग से पंजीकृत परियोजना है और यहां की अपनी पंजीकृत RWA है। सभी निवासियों ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर JVVNL से वैध बिजली कनेक्शन लिए हैं।
उनका कहना है कि यदि किसी पक्ष को इन कनेक्शनों पर आपत्ति है तो उसे कानून के तहत JVVNL या संबंधित सरकारी प्राधिकरण के समक्ष जाना चाहिए। किसी निजी मेंटेनेंस एजेंसी को अपने स्तर पर सरकारी बिजली कनेक्शन काटने का अधिकार नहीं है।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि RERA और JDA में बिल्डर के खिलाफ लंबित शिकायतों के कारण दबाव बनाने और प्रतिशोध की भावना से यह कार्रवाई की गई। फिलहाल उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।
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