ट्रेन टिकट कैंसिल करने में अब जरा सी देर भारी | रेलवे ने बदले नियम, दलालों पर लगाम के लिए 8 घंटे वाला ‘क्लॉक’ लागू

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियम सख्त किए। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा, जबकि बोर्डिंग स्टेशन ट्रेन के 30 मिनट पहले तक बदला जा सकेगा।

नई दिल्ली 

ट्रेन टिकट बुक कराने के बाद अगर आप आखिरी वक्त पर उसे रद्द करने की सोच रहे हैं, तो अब जरा संभल कर कदम उठाना होगा। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए समय सीमा सख्त कर दी है।

नए नियमों के तहत अब यात्री को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा, तभी रिफंड मिलने का अधिकार होगा। पहले यह समय सीमा 4 घंटे थी, जिसे बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। हालांकि, यदि कोई यात्री 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द करता है, तो उसे पहले की तरह ही किराये का लगभग 50 प्रतिशत ही वापस मिलेगा।

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क्यों बदले गए नियम

रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw के अनुसार यह बदलाव टिकटों की जमाखोरी और दलालों के खेल को रोकने के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि कई एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन छूटने से ठीक पहले उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे।

रेलवे के मुताबिक रिफंड के नियम कड़े होने से टिकटों की “कॉर्नरिंग” यानी दबाकर रखने की प्रवृत्ति कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

बोर्डिंग स्टेशन बदलना हुआ आसान

एक और अहम बदलाव यात्रियों की सुविधा से जुड़ा है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।

पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही मिलती थी। नया नियम खास तौर पर उन शहरों में राहत देगा जहां एक से अधिक रेलवे स्टेशन हैं, क्योंकि यात्री अब अपनी सुविधा के अनुसार नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे।

यात्री Indian Railways के पोर्टल IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रेलवे काउंटर के जरिए बोर्डिंग पॉइंट बदल सकते हैं। हालांकि एक बार स्टेशन बदलने के बाद पुराने स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की अनुमति नहीं होगी।

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इन मामलों में पुराने नियम ही लागू

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ परिस्थितियों में यात्रियों को पहले की तरह ही पूरा रिफंड मिल सकेगा।

  • अगर ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो जाती है
  • या 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है

तो यात्री TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल कर पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा यदि चार्ट बनने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग में रह जाता है, तो वह स्वतः कैंसिल हो जाएगा और यात्री को पूरा पैसा वापस मिल जाएगा।

कब से लागू होंगे नए नियम

रेलवे के अनुसार ये नए प्रावधान 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में लागू किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से टिकट बुकिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और वास्तविक यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने की संभावना पहले से बेहतर होगी।

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