ठिठुरती शाम…

ठिठुरती शाम की हथेलियों में
धूप की आखिरी किरण काॅंपती है,
श्वासों की उठती भाप में

राखी बंधवाने आ जाओ…

मैं छोटी हूँ एक परी सी
हूँ मैं तेरी बहना,
राखी बंधवाने आ जाओ

आपरेशन सिंदूर…

जय जय जय माँ भारती,
जय ‘ऑपरेशन सिंदूर’।
जय सेना का साहस समर्पण,

अलविदा….2024

कड़कड़ाती ठंड भयंकर शीत लहरी,
कांपते कांपते बीती जनवरी।
बसंत की आहट, ऋतु सुनहरी,

शरद पूर्णिमा की रजनी में…

शरद पूर्णिमा की रजनी में…
शरद पूर्णिमा की रजनी में,
करें चन्द्र शुभ दर्शन।

चाँद पर हम…

भारत माँ को है अभिमान,
लिखा चाॅंद पर हिन्दुस्तान।
सबका गुरु आज है भारत

राष्ट्रप्रेम…

यूॅं तो देश बहुत धरती पर,
भारत सबसे देश महान।
कोई कहे सप्तसिन्धु

राष्ट्रप्रेम…

यूॅं तो देश बहुत धरती पर,
भारत सबसे देश महान।
कोई कहे सप्तसिन्धु

छा गए फिजा में अजब रंग…

स्वागत सुहावने सावन का,
छा गए फिजा में अजब रंग।
धरती अम्बर सब प्रफुल्लित

अमृत की पुड़िया जैसा है…

प्रेम पूजा शरणागति सा है
यह बुद्धि विवेक सुमति सा है,