नई दिल्ली
हाई कोर्ट में वकीलों की तरफ से दायर अर्जी पर सुनवाई के दौरान बार काउंसिल के एक चेयरमैन वकीलों पर कोरोना के कहर की बात बताते-बताते रो पड़े। वाकया 30 अप्रेल का दिल्ली हाई कोर्ट का है। दिल्ली बार काउंसिल के चेयरमैन रमेश गुप्ता कोरोना की वजह से वकीलों के बुरे हालात पर दिल्ली हाई कोर्ट के सामने अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने वकीलों के बुरे हालात पर कुछ मांगें रखीं। इस पर जज ने कहा हम सब असहाय हैं, साथ ही दिल्ली सरकार से पूछा कि इस मामले में क्या इंतजाम हो सकता है।
दिल्ली बार काउंसिल के चेयरमैन रमेश गुप्ता ने अदालत में कहा, ‘हर रोज 20 वकीलों की मौत की खबर सुनाई दे रही है।’ अदालत के सामने अपनी बात- बात रखते हुए रमेश गुप्ता भावुक होकर रोते हुए बोले, ‘सर हम पूरी तरह असहाय हैं। किसी को न अस्पताल दिला पा रहे हैं न ऑक्सीजन सिलिंडर। लोग तड़प- तड़प कर मर रहे हैं। हम न केंद्र को जिम्मेदार ठहराने चाहते हैं और न दिल्ली सरकार को।हम बस इतना पूछना चाहते हैं कि देश की सेना को इसमें शामिल क्यों नहीं किया जा सकता? हम बस मदद करना चाहते हैं अपने साथियों की। हमारे गेस्ट हाउस को अटैच कर दिया जाए।’
बार काउंसिल के लिए अलग अस्पताल मांगा
वकील रमेश गुप्ता ने कोर्ट से निवेदन किया कि बार काउंसिल के सदस्यों के लिए एक अस्पताल की व्यवस्था की जाए। इसमें ICU बेड की सुविधा भी हो। उन्होंने कहा कि लोग वैक्सीन, ऑक्सीजन की कमी और दूसरी मेडिकल सुविधाओं के बिना मर रहे हैं।
जज बोले- कहां से लाएंगे इंफ्रास्ट्रक्चर
वकील रमेश गुप्ता ने इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी, ‘अदालत परिसरों में वैक्सीनेशन केंद्र बना दिया जाए। रामलीला मैदान में जो केंद्र बना है, वहां व्यवस्था कर दी जाए।’ इस पर जस्टिस सांघी ने कहा, ‘आप जो चिंताएं जता रहे हैं, वह आज सभी के सामने हैं। अटैचमेंट का आदेश दे भी दिया जाए तो इंफ्रास्ट्रक्चर कहां से लाएंगे।
‘मिस्टर गुप्ता हम असहाय हैं’
जस्टिस सांघी ने आगे कहा, ‘आप जितनी भी भी सुविधाएं मांग रहे हैं, वे आईसीयू बेड से जुड़ी हैं। कहां है आईसीयू बेड। दिक्कत यह है कि हम आदेश जो पारित कर रहे हैं, उन पर अमल हो। कार्यपालिका को इस पर काम करना है जो जमीनी हकीकत देख रहे हैं।’ जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा- मिस्टर गुप्ता हम सब असहाय हैं।
दिल्ली सरकार से पूछा- क्या हो सकता है
आखिर में वकीलों के लिए बेसिक इंतजामों के मांग पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह बताए क्या हो सकता है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि वह बताए क्या वकीलों के लिए सिलिंडर, नर्सेज का इंतजाम किया जा सकता है।
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