लघु कथा
डॉ. शिखा अग्रवाल, सेवानिवृत्त सहआचार्य (कॉलेज शिक्षा), सीकर
इस वर्ष कुछ ज्यादा ही भीषण गर्मी पड़ रही थी। सुबह से ही नलों में गरम पानी आ रहा था। शालिनी ने जब सूरज को आग उगलते देखा तो गर्मी से बचाव के उपाय में लग गई। बाहर जाकर मिट्टी के बर्तन में ठंडा पानी भरकर पक्षियों के लिए पेड़ पर टांग दिया। पेड़ों के पास पुराने मटकों में पानी भर कर रख दिया जिस से वहां नमी बनी रहे और पेड़ों को गर्मी से कुछ राहत मिले। घर के बाथरूम में बाल्टियां भर कर रख दीं जिससे नहाते समय कुछ ठंडा पानी मिल सके। हालांकि रात को ही ऊपर की टंकी में पानी चढ़ाया था परंतु पानी बेहद गर्म आ रहा था।
शालिनी अभी यह सब कर ही रही थी कि मॉर्निंग वॉक पर जाने के लिए उसकी फ्रेंड रीता आ गई। शालिनी ने उसे बिठाया और कुछ ढूंढ़ने लगी। फिर अपने बेटे को बुलाकर रसोई में ऊपर बनी अलमारी में से पुराना कैम्फर निकलवाया।” अब इसका क्या करोगी मम्मी ?” बेटे ने पूछा। “पानी भर के रखूंगी” शालिनी ने उत्तर दिया। “इसका पानी कौन पिएगा ? आप भी पता नहीं क्या करती रहती हो। नए कैम्फर में ठंडा पानी भर रखा है ना और कितना पानी चाहिए” बेटा भुनभुनाया।
“इसका पानी पीने के काम में नहीं लेंगे बेटा। इसके पानी से कामवाली बाई बर्तन साफ कर लेगी। ऊपर से तो बिल्कुल उबलता पानी आ रहा है ना। वह जब तक आएगी तब तक पानी कुछ नॉर्मल हो जाएगा आखिर वह भी तो इंसान है ना।” शालिनी ने मुस्कुराते हुए जब अपने बेटे को बताया तो रीता का दिल शालिनी के प्रति श्रद्धा से भर उठा।
नई हवा’ की खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
नवतपा: भीषण गर्मी का ज्योतिषीय पक्ष
नर को मादा बनाना अब चुटकी का काम… वैज्ञानिकों ने ढूंढ़ निकाली वो वजह जो करते हैं लिंग का निर्धारण
SEBI ने बदल दिया ये खास नियम, म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को मिली बड़ी राहत
नई हवा’ की खबरें नियमित और अपने मोबाइल पर डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें
