पांच साल की अनाया मंदिर में भगवान से ऐसी प्रार्थना करती है जिसे सुनकर दादाजी की आंखें भर आती हैं। मासूम बच्ची का अपने पिता के लिए प्यार और इंतजार दिल को छू लेने वाली कहानी बन जाता है।
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चेहरे …
यह लघु कहानी बताती है कि कैसे लोग प्रदूषण और ट्रैफिक पर चिंता जताते हैं, लेकिन अपने व्यवहार से उन्हीं समस्याओं को बढ़ावा भी देते हैं। समाज के दोहरे चेहरों पर तीखा व्यंग्य।
सुसंस्कृत सौदा…
मंडप में अग्नि प्रज्वलित थी— साक्षी, शुद्ध, निर्विकार।
मंत्र गूँज रहे थे— “अटूट बंधन।”
किन्तु धीमी फुसफुसाहटों में एक ही
गाजर का हलवा…
रामवती सुबह 7:00 बजे जब अपने घर से काम करने के लिए निकली, तब कुछ दूरी पर भी कोहरे के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था । सर्दी से वह कांप रही थी ,उसने अपने शॉल को और कस कर
ठंड…
सुबह से ही कड़ाके की ठंड थी। हाड़ कंपाने वाली बर्फीली हवाएं तीर की तरह चुभ रहीं थीं। ऊपर से कोहरा तो जैसे बर्फ के छोटे कणों के रूप में बरस रहा था। कांता बाई ने
मेरी गलती क्या है…
आजकल मेरा पोता जो चेन्नई में पढ़ रहा है, छुट्टियों में घर आया हुआ है, लेकिन अक्सर वह दोस्तों के यहां चला जाता है। जब घर में रहता है तो हमेशा मोबाइल में ही आंखें गड़ाए रहता है। आज जब दोपहर में
दादा जी, माफ कर देना …
श्राद्ध पक्ष शुरू हो गए थे। घर में बड़ी श्रद्धा से पितरों के लिए श्राद्ध किए जा रहे थे। उस दिन दादा जी के श्राद्ध पर सुबह से उनकी पसंद का खाना बन रहा था। सुरभि को बार – बार याद आ रहा था कि जब तक दादा जी
रौनक…
सुबह उठी तो कुछ शोर सा सुनाई दिया । मेरे सामने के मकान में कॉलेज के सेवनिवृत्त प्राचार्य रहते हैं, उनके यहां चोरी हो गई थी। पड़ोस वाली आंटी से बात करने पर पता चला कि चोर खिड़की तोड़कर अंदर घुसे थे।…. शायद उन्हें कुछ
रेशमी धागे …
फोन पर जब भाभी ने बताया कि उसकी राखी अभी तक नहीं पहुंची है तो सुनयना का मन उदास हो गया। उसे तो राखी भेजे पंद्रह दिन हो गए। कुछ दिन पहले मम्मी की देखभाल को लेकर
पिता का साया…
आज सुबह जैसे ही उमा चाय पीने बैठी उसका मोबाइल बज उठा। भाभी का फोन देख कर उसे चिंता हुई। दो तीन दिन से भाई रमन की तबियत ठीक नहीं थी। फोन उठाते ही भाभी रो पड़ीं, ” उमा तुम्हारे भैया हमें छोड़ गए ” ‘ इतनी तो
