भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर महारानी श्री जया महाविद्यालय और हरित बृज सोसायटी ने पर्यावरण संरक्षण अभियान चलाया। गौरैया कॉलोनी, सीड बॉल, नुक्कड़ नाटक और हरित योद्धाओं के सम्मान ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
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भरतपुर
भरतपुर में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस सिर्फ औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कॉलेज परिसर में पर्यावरण संरक्षण का ऐसा जीवंत अभियान देखने को मिला, जहां छात्रों ने पोस्टर बनाए, नुक्कड़ नाटक किए, सीड बॉल तैयार किए और गौरैया के लिए ‘नया आशियाना’ भी बसाया। माहौल ऐसा था मानो पूरा परिसर हरियाली बचाने की शपथ ले रहा हो।
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राज्य जैव विविधता मंडल जयपुर के सौजन्य से महारानी श्री जया महाविद्यालय और हरित बृज सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बचाने का संदेश केंद्र में रहा। कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों और समाज को यह समझाना था कि अगर प्रकृति सुरक्षित नहीं रही, तो भविष्य भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजय गोयल मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि मनीष मीणा और डॉ. सुनीता पांडे ने भी सहभागिता निभाई। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. शिल्पीदीप माथुर और हरित बृज सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. संगीता चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान हरित बृज सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि संस्था लगातार पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रही है। वहीं कार्यक्रम संयोजक एवं आईक्यूएसी अध्यक्ष डॉ. कमलेश सिसोदिया के संचालन में निबंध लेखन, पोस्टर प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों ने विद्यार्थियों में अलग उत्साह भर दिया। विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्य विषय विशेषज्ञ के रूप में पहुंचे ओमप्रकाश चौधरी का सम्मान अकादमिक प्रभारी डॉ. अंजू तंवर ने किया। अपने संबोधन में चौधरी ने बेहद सरल शब्दों में समझाया कि जैव विविधता खत्म होने का मतलब सिर्फ पेड़-पौधों का नुकसान नहीं, बल्कि इंसानी जीवन पर सीधा खतरा है। वहीं मीना शर्मा ने सीड बॉल निर्माण और उसके उपयोग की जानकारी देकर छात्रों को प्रकृति से जोड़ने की कोशिश की।
कार्यक्रम के सहसंयोजक अमित शर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय काम करने वाले आठ “हरित योद्धाओं” को प्रमाण पत्र और पौधा देकर सम्मानित किया गया। इनमें कमल मीणा, श्रीकांत शर्मा, तुलसीराम शर्मा, योगेंद्र खंडेलवाल, कविता सिंह, हरगोविंद शर्मा, मुकेश कुमार गर्ग और अरविंद कुमार शामिल रहे।
सोसायटी महासचिव सतेन्द्र यादव ने बताया कि कॉलेज परिसर में गौरैया संरक्षण के लिए ‘गौरैया कॉलोनी’ विकसित करने की पहल की गई, जिसके तहत घोंसले लगाए गए और पक्षियों के लिए परिंडे भी स्थापित किए गए। इस पहल ने कार्यक्रम को सिर्फ भाषणों से आगे बढ़ाकर जमीन पर उतार दिया।
कार्यक्रम में उस वक्त खास आकर्षण देखने को मिला जब नन्हीं बालिका अनाया ने योग क्रियाओं का शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में दीनदयाल, बृजेश सिंह, हिमांशु सारस्वत, डॉ. अशोक गुप्ता, महेंद्र सोनी, अरुण जैन, प्रमोद सैनी, मोहित, ब्रह्मानंद शर्मा, संजू शर्मा, सीमा गुप्ता, सीमा सिंह, वर्षा चौधरी, पूजा सिंह सहित अन्य लोगों का विशेष योगदान रहा।
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