5 डे वर्किंग वीक को लेकर बैंक यूनियनों और सरकार के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। यूनियन समझौते का दावा कर रही है, जबकि वित्त मंत्रालय ने किसी वादे से इनकार किया है।
नई दिल्ली। बैंक कर्मचारियों की जिस मांग को लेकर लंबे समय से उम्मीद बनी हुई थी, उस पर अब सरकार और बैंक यूनियनों के दावे आमने-सामने आ गए हैं। हर शनिवार बैंक बंद रखने और पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर बैंक यूनियनें आंदोलन की तैयारी में हैं, लेकिन वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सरकार ने ऐसा कोई वादा कभी नहीं किया था। यही मतभेद अब 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के बीच और अहम हो गया है।
एक समझौता, दो दावे
बैंक यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच पांच दिन के कार्य सप्ताह को लेकर सहमति बनी थी। AIBOC के जनरल सेक्रेटरी रूपम रॉय भी इस दावे को सार्वजनिक रूप से सामने रख चुके हैं। लेकिन अब वित्त मंत्रालय के एक सूत्र ने इस दावे से अलग तस्वीर पेश की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि पांच दिन का कार्य सप्ताह सरकार के साथ किसी समझौते का हिस्सा नहीं था। न इस पर कोई वादा किया गया और न ही दोनों पक्षों के बीच ऐसा कोई समझौता हुआ। यानी कर्मचारियों की तरफ से जिस बात को पुराने समझौते से जोड़कर देखा जा रहा है, सरकार उस पर किसी सहमति से इनकार कर रही है।
हड़ताल से पहले रविवार को खुले रहेंगे बैंक
इस बीच ग्राहकों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। 27 सितंबर, रविवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे। सरकार ने बैंकों को रविवार को शाखाएं चालू रखने का निर्देश दिया है। रिजर्व बैंक की मंजूरी के बाद बैंक शाखाओं, कार्यालयों, एटीएम से जुड़ी शाखाओं और करेंसी चेस्ट को भी चालू रखने की व्यवस्था की गई है। इसका सीधा संबंध 28 सितंबर से शुरू होने वाली प्रस्तावित हड़ताल से है। लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाओं पर ज्यादा असर न पड़े, इसलिए रविवार को कामकाज कराने की व्यवस्था की गई है।
सिर्फ शनिवार की छुट्टी ही विवाद नहीं
बैंक यूनियनों और सरकार के बीच खींचतान का दूसरा मुद्दा परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम भी है। वित्तीय सेवा विभाग ने 19 नवंबर 2024 को वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए संशोधित PLI व्यवस्था की जानकारी दी थी। यह व्यवस्था स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए थी। इसमें प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर इंसेंटिव का प्रावधान था। यूनियनें इस व्यवस्था का भी विरोध करती रही हैं।
हड़ताल के पीछे सात बड़े बैंक संगठन
प्रस्तावित हड़ताल में UFBU से जुड़े बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सात संगठन शामिल हैं। इनमें—
AIBEA (अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ),
AIBOC (अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ),
NCBE (राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी परिसंघ),
AIBOA (अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ),
BEFI (भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ),
INBEF (भारतीय राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी महासंघ) और
INBOC (भारतीय राष्ट्रीय बैंक अधिकारी कांग्रेस) शामिल हैं।
अब निगाह 28 सितंबर पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 5 डे वर्किंग वीक को लेकर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच सहमति कैसे बनेगी। यूनियनें अपनी मांग पर कायम हैं, जबकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर किसी पुराने वादे या समझौते से इनकार किया गया है। ऐसे में 27 सितंबर का रविवार बैंकिंग ग्राहकों के लिए अतिरिक्त कार्यदिवस होगा, जबकि उसके अगले दिन से प्रस्तावित तीन दिन की हड़ताल का असर देखने को मिल सकता है।
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