बाल कविता
डॉ. अंजीव अंजुम
नई लीक पर
नई सीख पर
नए सृजन की
राह सजाएं।
आओ भारत नया बनाएं।
नई प्रथा चढ़
नई कथा गढ़
नव उजास के
सूर्य उगाएँ।
आओ भारत नया बनाएं।
नेक पंथ पर
दृढ़ प्राण कर
लघु पग, दीर्घ
राह अपनाएं।
आओ भारत नया बनाएँ।
धन निर्धन सब
जीवन में अब
हाथ पकड़कर
बढ़ते जाएं।
आओ भारत नया बनाएं।
(लेखक प्रधानाध्यापक एवं राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी जयपुर की पत्रिका ब्रजशतदल के सहसंपादक हैं )
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- गुजरात के राष्ट्रीय एकता शिविर में राजस्थान की इस बेटी ने बढ़ाया मान, पीएम मोदी की रैली में निभाई खास भूमिका
- घना में पानी को तरस रहे पक्षी, बाहर मिला ठिकाना भी छिनने का खतरा, अटलबंध बांध का पानी नाले में बहाने पर उठे सवाल
- अब डिग्री नहीं, हुनर दिलाएगा रोजगार, सरकारी स्कूल में बनी हाईटेक स्किल लैब, AI से लेकर ब्लॉकचेन तक सीखेंगे विद्यार्थी
- 8.82 लाख का बिल पास कराने का खेल, JE के लिए 50 हजार लेने पेट्रोल पंप पहुंचा दलाल, कार में बैठते ही ACB ने दबोचा
- थाने से 100 कदम दूर… फिल्मी स्टाइल में बैंक पर डाका, 20 मिनट में 4 करोड़ का सोना और कैश समेटकर फरार हुए बदमाश | मैनेजर-कर्मचारियों के हाथ बांधे
- भरतपुर में आधी रात को धधक उठी बेकरी; बंद दुकान के अंदर आग ने मचाई तबाही, लाखों का सामान जलकर राख
- खेत में काम कर रहा था परिवार, तभी मौत बनकर पलटी कार, एक ही झटके में उजड़ गई तीन पीढ़ियां, पिता-पुत्र और पोते की दर्दनाक मौत
- SMS अस्पताल में दीपावली के पोस्टर पर छिड़ा धार्मिक संग्राम! डॉक्टरों के बीच छिड़ी बहस, उठे सवाल- आखिर हिंदू त्योहारों को ही क्यों बनाया जाता है निशाना?
- MPUAT की खेल स्पर्धाओं में CTAE का दबदबा, चार खेलों में जमाया पहला स्थान; RCA भी नहीं रहा पीछे
- दो से ज्यादा बच्चे हैं तो चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते? सुप्रीम कोर्ट ने 23 साल पुराने फैसले पर उठाए सवाल, बड़ी बेंच को सौंपा मामला
