ब्रजभाषा काव्य महागोठ में वरिष्ठ साहित्यकारों की ‘परिचौ पोथी’ का हुआ विमोचन | कवियों की रचनाओं में जीवंत हुई सावन की मस्ती

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी के तत्वावधान में रविवार को झालाना स्थित अकादमी संकुल परिसर में काव्य महागोठ का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न कवियों एवं साहित्यकारों ने

जयपुर में 30 जुलाई को होगी ब्रजभाषा काव्य महागोठ | 20 कवि बिखेरेंगे ब्रज संस्कृति के रंग

राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की ओर से रविवार 30 जुलाई को ब्रजभाषा काव्य महागोठ झालाना स्थित अकादमी संकुल के ऑडिटोरियम में

मुलाकात…

बचपन से मुलाकात कर लेते हैं,
दोस्तों से कही अनकही बात कर लेते हैं।
उसके डब्बे से मैंने भी रोटी चुराकर खाई थी,
ये बात उसको मैंने उसको कभी

साहिल की तलाश…

कभी फूल सा हल्का दिल भी,
पत्थर सा भारी होता है,
मनचाहे और अनचाहे में,

अमृत की पुड़िया जैसा है…

प्रेम पूजा शरणागति सा है
यह बुद्धि विवेक सुमति सा है,

राजस्थान साहित्य प्रोत्साहन पुरस्कार की होगी शुरुआत, मिलेंगे 11-11 लाख, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल

राज्य सरकार साहित्यकारों को राजस्थान साहित्य प्रोत्साहन पुरस्कार से सुशोभित करेगी। प्रोत्साहन में कन्हैया लाल सेठिया, कोमल कोठारी, डॉ. सीताराम लालस एवं

कोई तो है…

जब कंधे पर हाथ रख,
कोई हौले से कहता है
… मैं हूं ना,

चीख रही थी अबला जर जर…

वो मार रहा था चाकू पत्थर,
चीख रही थी अबला जर जर l
मानवता शर्मसार खड़ी थी,

किताब ही है जिंदगी…

जिंदगी एक किताब ही तो है,
हर दिन एक पृष्ठ है,
जिस पर

कटे वृक्ष सिमटते पर्वत…

कटे वृक्ष सिमटते पर्वत, पीड़ा देने वाले हैं
एक दिन जब सब मिट जांयेंगे, पड़ें जान के लाले है।