भूख कौ डर…

आज जा बिचार ते
किसना कौ मन
कांटे के तारन में
जकरों परयौ है

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी ने रचनाकारों से मांगी प्रविष्टियां, जुलाई में किया जाएगा विजेताओं का सम्मान

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी द्वारा साहित्य सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत राजस्थान के ब्रजभाषा रचनाकारों से 6 विधाओं में प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। इनमें से चयनित रचनाकारों को

सौंदर्य…

सौंदर्य से सजी यह दुनिया,
रंगों का मधुर संगम समाया।
मनमोहक आकर्षण इसका

राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की काव्य गोष्ठी में कवियों ने रचा ब्रज संस्कृति का सलौना संसार

झालाना स्थित अकादमी संकुल का परिसर शुक्रवार को ब्रज की अल्हड़ और सलौनी संस्कृति के रंग मे रंग गया। मौका था राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी की ओर से हर महीने

यात्रा…

जीवन में यायावारी कितना सिखाती है।
यात्रा भी, ज्ञान का सागर दिखाती है,

हीरे सी चमकती किस्मत है मेरी…

एक नहीं वरन् दो माँ हैं मेरी
हीरे सी चमकती किस्मत है मेरी

मंद-मंद क्यों मुस्काते हो…

मंद-मंद क्यों मुस्काते हो
हंसने में क्यों शर्माते हो,
खुल के हंस लो आज प्यारे

जीवन और प्रेम…

प्रेम नीर से ही बढ़ता है,
जीवन का यह पौधा।
जीवन के अपने अनुभव से

खेल तो आखिर यही चलता है…

गरमी
जब
करने लगती है
भारी जुल्म

ओ! मलिन जमुना जल…

बहौ
ओ! मलिन जल
जमुना बहौ
जे तन वृंदावन अरु