धूप की गोलियां

“क्या बात है बेटा, बहुत थकी हुई लग रही हो। सब ठीक है ना, हो सके तो कुछ दिन के लिए घर आ जाओ” नौकरी के कारण, महानगर में रह रही

कौन थी भगवान् श्रीराम की बड़ी बहन। क्यों नहीं मिलता इनका रामायण में उल्लेख

वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में सभी घटनाओं का भलीभांति जिक्र किया गया है। लेकिन अन्य वेद और ग्रंथों में कई ऐसी घटनाओं का जिक्र है जिसका वर्णन बहुत कम

एक नया प्रश्न…

“हमारी बेटियां भी बराबर की पढ़ी लिखी और वर्किंग हैं। अब घर में पति की मारपीट और अत्याचार नहीं सहेंगीं। बेटियों को न्याय दिला कर

द्वार खोलना नई आशा के…

सत्कार नववर्ष का करना
जो बीत गई सो बात गई
अच्छा बुरा जो भी सिखा गई

शरद पूर्णिमा की रजनी में…

शरद पूर्णिमा की रजनी में…
शरद पूर्णिमा की रजनी में,
करें चन्द्र शुभ दर्शन।

फिर से रावण खड़ा हो गया…

अट्टहास कर दस शीशों से,
फिर से रावण खड़ा हो गया,
मारो जितना मार सको तुम,

डायरी के पन्ने…

पापा को इस दुनिया से गए 4 दिन हो गए थे। सभी रिश्तेदार जा चुके थे। मैं मां के पास ही रुक गई थी। मां नींद की गोली देने के बाद बड़ी मुश्किल से

टिम टिम करते तारे…

“मम्मा, ये लिटिल स्टार्स कैसे ट्विंकल करते हैं दिखाओ ना” ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार पोयम याद करते हुए सिया ज़िद कर रही थी। दो साल की सिया को

अप्रतिम प्रेमी, अजेय योद्धा, परमयोगी श्रीकृष्ण

युगों से अपने बहुआयामी व्यक्तित्व के कारण श्रीकृष्ण लोकमानस को जितना प्रभावित करते रहे हैं, उतना किसी अन्य ने नहीं, यहां तक कि श्रीराम ने

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी करेगी ब्रजभाषा साहित्यकारों का सम्मान

राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी ब्रजभाषा के तीन साहित्यकारों और ब्रजभाषा साहित्य सर्जन के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए पांच साहित्यकारों को भी सम्मानित किया जाएगा। अकादमी के