भरतपुर में बर्तन व्यापारी हत्याकांड के आरोपी महेश उर्फ शैलू के पैर में लगी गोली, पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार। दो फरार बदमाशों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित।
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। सेवर थाना क्षेत्र में बर्तन व्यापारी पर कातिलाना हमला और लूट का प्रयास करने वाले गिरोह के एक मुख्य बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ (Encounter) के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाश ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में जा लगी। पुलिस ने घायल बदमाश को तुरंत दबोच कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान महेश उर्फ शैलू प्रजापत (निवासी कासोट, डीग) के रूप में हुई है।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज में शोक: देश के जाने-माने फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. एन.एल. डिसानिया ने की खुदकुशी
25-25 हजार के इनामी दो शूटर अभी भी फरार, एक को हो चुकी है हत्या की सजा
भरतपुर एसपी राजेश मीणा ने बताया कि इलाके में हुई बैक-टू-बैक दो फायरिंग की वारदातों को इसी तीन सदस्यीय गिरोह ने अंजाम दिया था। पुलिस ने गैंग के बाकी दो सदस्यों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उनकी तलाश तेज कर दी है:
शूटर प्रवीण उर्फ बॉबी: गैंग का मुख्य सरगना प्रवीण उर्फ बॉबी है, जो बेहद शातिर अपराधी है। उसे साल 2006 में डीग थाने के एक मर्डर केस में सजा भी हो चुकी है।
दूसरे आरोपी की पहचान: पुलिस ने तीसरे आरोपी की भी पहचान कर ली है और उसकी धरपकड़ के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।
क्या था पूरा मामला? व्यापारियों के आक्रोश के बाद एक्शन में आई पुलिस
आपको बता दें कि 4 जुलाई की रात करीब 10:15 बजे सेवर थाना क्षेत्र में बाइक सवार इन बदमाशों ने बर्तन व्यापारी चन्द्रभान को निशाना बनाया था। बदमाशों ने करीब 5 लाख रुपये लूटने की नीयत से व्यापारी के कंधे में गोली मार दी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी जान चली गई।
इस घटना के बाद से ही भरतपुर के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में कानून-व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश था। कांग्रेस नेताओं सहित व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया था। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मृतक व्यापारी के परिजनों से मुलाकात कर अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और सरकार पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था के गंभीर आरोप लगाए।
हाई-प्रोफाइल होते इस मामले को सुलझाने के लिए एसपी ने डीएसटी (DST), साइबर सेल और थानों की कई टीमें गठित की थीं। अभय कमांड सेंटर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और तकनीकी विश्लेषण के बाद आखिरकार पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
EPFO का बड़ा बदलाव: अब PF से जुड़े काम होंगे आसान, देशभर में एक सिस्टम से मिलेगी सुविधा
