काव्य, व्यंग्य और साहित्य का संगम: भरतपुर में पुस्तक विमोचन के साथ सजी भव्य काव्य गोष्ठी, 45 कवियों ने बांधा समां

भरतपुर के स्वास्थ्य मंदिर रणजीत नगर में राजस्थान जन सांस्कृतिक परिषद् एवं राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में काव्य गोष्ठी और पुस्तक विमोचन समारोह आयोजित हुआ। 45 कवियों ने काव्य पाठ किया और ओमप्रकाश कुंतल की पुस्तक का विमोचन किया।

भरतपुर। राजस्थान जन सांस्कृतिक परिषद् एवं राष्ट्रीय कवि संगम के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य मंदिर, रणजीत नगर में काव्य गोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और काव्य की विविध विधाओं का सुंदर समागम देखने को मिला, जहां राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से पहुंचे 45 कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।

राजस्थान पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 40 इंस्पेक्टरों के तबादले, कई जिलों को मिले नए थानाधिकारी | देखें पूरी लिस्ट

समारोह की अध्यक्षता परिषद् के प्रांतीय अध्यक्ष वेद प्रकाश ‘वेद’ नगर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सोहनलाल ‘प्रेम’ (डीग) उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि हरिश्चंद्र ‘हरि’ नगर, प्रांतीय सचिव राजेंद्र अनुरागी, गायत्री शक्तिपीठ के अध्यक्ष देवेंद्र चामड, प्रो. डॉ. अशोक कुमार गुप्ता एवं डॉ. मोहकम सिंह सहजी रहे। कार्यक्रम का संचालन श्याम सिंह ‘मधुर’ ने किया तथा अभिषेक ‘अमर’ नगर ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों ने मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर साहित्यकार ओमप्रकाश कुंतल की व्यंग्य पुस्तक “कुंतल के व्यंग्य कोरोना के संग” का विधिवत विमोचन किया गया। समारोह में परिषद् के जिला सचिव लोकेश सिंघल ने वर्ष 2026 के साझा काव्य संग्रह के लिए सभी रचनाकारों से अपनी रचनाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

‘अगर मैं ही डॉक्टर-मंत्री हूं तो गिरफ्तार करो’ : ACB दफ्तर पहुंचकर किरोड़ी का सीधा चैलेंज, बोले- मुझे बदनाम करने की साजिश

काव्य गोष्ठी में वेद प्रकाश ‘वेद’ ने “सियासत के सजे दंगल, हर ठौर दिखते हैं” सुनाकर समसामयिक राजनीति पर कटाक्ष किया। हरिश्चंद्र ‘हरि’ नगर ने “रह नहीं जावे कहूं अंधेरा जगमग जरयौ”, अभिषेक ‘अमर’ नगर ने “प्रेम भरा है किंतु बाती के साथ जलता भी तो हूं”, डॉ. मोहकम सिंह सहजी ने “उसको देखा तो मन भी रंगीला हुआ”, जबकि प्रो. डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने ब्रज भाषा पर आधारित रचना “प्यारी लगती है बृजवानी…” सुनाकर खूब सराहना बटोरी।

राजस्थान में खुला तबादलों का ‘दरवाजा’ | 5 जुलाई तक होंगे ट्रांसफर, लेकिन इन कर्मचारियों पर अब भी रोक

रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को बाल

इसी क्रम में राजेंद्र अनुरागी, लोकेश सिंघल, नरेंद्र निर्मल, डॉ. कृष्ण कन्हैया, प्रवेश अकेला (आगरा), संजय कुमार (आगरा), ओमप्रकाश कुंतल, राकेश राजस्थानी, सुरेश सुनार, नेक राम ‘नेक’, डॉ. शैलेश तिवारी, डी.के. हंसमुख, कु. देवेंद्र कोठिया, छीतर बाबा, अमर सिंह विद्रोही, चंद्रभान फौजदार, लोकेंद्र सुमन, डॉ. लोकेश शर्मा ‘नीरज’, राधाकृष्ण सैनी, डॉ. सुरेश चतुर्वेदी तथा सुरेश शर्मा ‘प्रेमी’ ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। विशेष रूप से सुरेश शर्मा ‘प्रेमी’ ने महाराणा प्रताप और झाला सरदार पर आधारित ओजस्वी कविता सुनाकर सभागार में राष्ट्रभक्ति का उत्साह भर दिया।

इसके अलावा मंगतूराम शर्मा, अनीता सुरभि, सी.एस. कृष्णा, चंद्रशेखर लवानिया, खेमेन्द्र कुमार देव और परशुराम शर्मा सहित अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के समापन पर परिषद् के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अशोक कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों, कवियों एवं साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए साहित्यिक आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

SBI में 1500 प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों पर भर्ती: 8 जुलाई तक करें आवेदन, 21.97 लाख तक मिलेगा सालाना पैकेज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *