भरतपुर में एसीबी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला सुपरवाइजर और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपियों पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप है।
भरतपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग में रिश्वतखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नौकरी से हटाने की धमकी देकर एक महिला कर्मचारी से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने विभाग की एक महिला सुपरवाइजर और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते हुए एसीबी के जाल में फंस गईं।
एसीबी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में महिला पर्यवेक्षक क्षमा दहिया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता मुदगल (कारे का नगला केंद्र) और राजबाला (डी ब्लॉक, रंजीत नगर केंद्र) शामिल हैं। आरोप है कि तीनों ने एक महिला कर्मचारी को नौकरी में परेशान नहीं करने और सेवा से नहीं हटाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत नहीं देने पर कार्रवाई कराने और नौकरी खत्म करवाने की धमकी भी दी जा रही थी।
पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर भरतपुर रेंज के उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा की निगरानी में ट्रैप की योजना बनाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को 10 हजार रुपये की पहली किश्त लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे रिश्वतखोरी नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव तथा महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में की गई।
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