NPS स्वास्थ्य स्कीम में रिटायरमेंट निवेश के साथ सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। जानें प्रीमियम, डिडक्टिबल, कवर और पार्शियल विड्रॉल के नियम।
नई दिल्ली। अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश करते हैं या इसमें शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं, तो आने वाला बदलाव आपके लिए अहम हो सकता है। NPS में अब रिटायरमेंट के लिए बचत के साथ हेल्थ इंश्योरेंस को जोड़ने वाली नई स्कीम लाई जा रही है। इसका नाम ‘NPS स्वास्थ्य’ बताया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 अक्टूबर को NPS स्वास्थ्य स्कीम लॉन्च कर सकती हैं। इस योजना में निवेश और स्वास्थ्य सुरक्षा को एक साथ जोड़ा गया है। यानी सब्सक्राइबर रिटायरमेंट के लिए रकम जमा करने के साथ एक सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ भी ले सकेंगे।
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एक खाते में निवेश, दूसरे हिस्से में हेल्थ कवर
NPS स्वास्थ्य को दो प्रमुख हिस्सों में तैयार किया गया है। पहला हिस्सा एक अलग NPS स्वास्थ्य निवेश खाता होगा, जिसमें ग्राहक का योगदान निवेश किया जाएगा।
दूसरा हिस्सा अनिवार्य सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का होगा। यह पॉलिसी लागू सालाना डिडक्टिबल की सीमा पार होने के बाद पात्र मेडिकल खर्चों को कवर करेगी।
इसके अलावा, स्कीम के नियमों के तहत सब्सक्राइबर अपने NPS स्वास्थ्य कॉर्पस से भी योग्य हेल्थकेयर खर्चों के लिए आंशिक निकासी कर सकेंगे।
कौन ले सकेगा NPS स्वास्थ्य का फायदा?
जो व्यक्ति NPS में शामिल होने के लिए पात्र है, वह योजना की निर्धारित शर्तों के तहत NPS स्वास्थ्य में एनरोल कर सकता है। स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस के तहत सब्सक्राइबर, उसके जीवनसाथी और अधिकतम दो आश्रित बच्चों को फैमिली फ्लोटर में कवर किया जाएगा। हालांकि, इस कवर में माता-पिता शामिल नहीं होंगे। बीमा में प्रवेश की उम्र 18 से 70 साल रखी गई है। पॉलिसी की शर्तों और लागू नियमों के अनुसार इसे 85 साल की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है।
शुरुआत में कितनी रकम जमा करनी होगी?
NPS स्वास्थ्य में शुरुआती योगदान तीन हिस्सों में होगा। इसमें—
- पहले साल का हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और उस पर लागू टैक्स
- ₹200 सालाना मेंटेनेंस चार्ज
- NPS स्वास्थ्य निवेश खाते में कम से कम ₹1,000 का योगदान
शामिल होगा।
इसके बाद न्यूनतम योगदान की रकम सिर्फ ₹10 होगी।
हालांकि, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की कोई पहले से तय रकम नहीं होगी। यह बीमाकर्ता की ओर से उम्र और लागू नियमों के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
NPS के पैसे से इलाज भी कराया जा सकेगा?
इस स्कीम का एक अहम पहलू पार्शियल विड्रॉल की सुविधा है। सब्सक्राइबर योग्य हेल्थकेयर खर्चों के लिए अपने NPS स्वास्थ्य खाते से आंशिक निकासी कर सकता है। इसमें पात्र आउटपेशेंट और इनपेशेंट खर्च शामिल हो सकते हैं। हालांकि, निकासी की अधिकतम सीमा NPS स्वास्थ्य खाते में सब्सक्राइबर द्वारा किए गए कुल योगदान का 25 प्रतिशत होगी। खास बात यह है कि ऐसी निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं बताई गई है। पहली या बाद की निकासी के लिए भी कोई न्यूनतम वेटिंग पीरियड नहीं होगा।
पैसा सीधे हाथ में नहीं आएगा
हेल्थकेयर खर्च के लिए की जाने वाली निकासी की रकम सीधे सब्सक्राइबर को नहीं दी जाएगी। भुगतान अस्पताल, हेल्थकेयर प्रोवाइडर या अन्य योग्य संस्था को किया जाएगा।
इस तरह NPS स्वास्थ्य में रिटायरमेंट के लिए निवेश के साथ इलाज के खर्च के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था जोड़ने का प्रस्ताव है। हालांकि, स्कीम के अंतिम नियम और शर्तें लागू होने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर साफ होगी।
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