विकलांग मां और मंदबुद्धि पिता की बेटियों की शादी पर संकट | मुस्कान संस्था बनी उम्मीद की किरण, 31,000 रुपये की सहायता से भरा घर

भुसावर में विकलांग मां और मंदबुद्धि पिता की बेटियों की शादी के लिए मुस्कान एक पहल संस्था ने 31,000 रुपये की सहायता दी। विवाह खर्च, भोजन और जरूरी सामग्री का सहयोग किया गया।

भुसावर

विकलांग मां और मंदबुद्धि पिता की दो बेटियों का रिश्ता सामूहिक विवाह सम्मेलन में तय तो हो गया, लेकिन इसके बाद परिवार पर आर्थिक व्यवस्थाओं को लेकर चिंता का पहाड़ टूट पड़ा। बेटियों को दिन-रात यही डर सताने लगा कि कमजोर आर्थिक स्थिति में मां-बाप विवाह की जिम्मेदारियां कैसे निभा पाएंगे।

इसी बीच परिवार को एक उम्मीद की किरण ‘मुस्कान एक पहल’ संस्था के रूप में नजर आई, जो भूखे को भोजन, प्यासे को पानी और जरूरतमंद परिवारों—विशेषकर विधवा एवं गरीब माताओं की बेटियों के विवाह में लगातार सहयोग करती आ रही है।

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परिवार ने हिम्मत जुटाकर संस्था के पदाधिकारियों से संपर्क किया और अपनी पूरी व्यथा साझा करते हुए मदद की गुहार लगाई। बताया गया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार की दोनों बेटियां संस्था के रसोई कार्य से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक हर जिम्मेदारी को निपुणता से निभाती हैं।

संस्था के संस्थापक अरविन्द मित्तल ने बताया कि मामले की गंभीरता और परिवार की स्थिति को देखते हुए मुस्कान एक पहल भुसावर एवं मुस्कान संस्था रावतभाटा (कोटा) की ओर से जनसहयोग से एकत्रित राशि उपलब्ध कराई गई। इसके तहत विवाह से जुड़े सभी आवश्यक खर्चों, रिश्तेदारों के भोजन, लगन सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं के साथ-साथ कन्यादान स्वरूप 31,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

इस सहयोग से परिवार के चेहरों पर राहत और खुशी लौट आई और संस्था ने दोनों बेटियों के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। इस अवसर पर लोकेश अग्रवाल, रेणु और गोविंद (रावतभाटा) का विशेष सहयोग भी उल्लेखनीय रहा।

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