धौलपुर (Dholpur) में पटवारी वीरेंद्र शर्मा को जमीन का म्यूटेशन खोलने के एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पहले भी रिश्वत मामले में पकड़ा जा चुका है।
धौलपुर
जमीन का म्यूटेशन खोलने की फाइल पटवारी की टेबल पर अटकी थी और उसे आगे बढ़ाने की ‘चाबी’ 50 हजार रुपए में तय हो चुकी थी। लेकिन जैसे ही रिश्वत की रकम हाथ में आई, दरवाजे पर पहले से नजर गड़ाए बैठे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अफसर अंदर घुसे और पटवारी का खेल वहीं खत्म हो गया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बसई सामन्ता पंचायत में तैनात पटवारी वीरेंद्र शर्मा को धौलपुर स्थित उसके कायस्थ पाड़ा स्थित घर से 50 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह रकम जमीन का म्यूटेशन खोलने के एवज में ली जा रही थी।
शिकायत से ट्रैप तक: एसीबी ने बिछाया पूरा जाल
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद मीणा के अनुसार, जयपुर स्थित एसीबी मुख्यालय को एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि पटवारी वीरेंद्र शर्मा म्यूटेशन खोलने के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने पहले इसका भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए।
इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार को परिवादी को तय रकम लेकर पटवारी के घर भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाए एसीबी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
घर में ही चल रहा था ‘रिश्वत का खेल’
बताया जा रहा है कि आरोपी ने रिश्वत लेने के लिए अपने घर को ही सुरक्षित ठिकाना बना रखा था। उसे लगा कि यहां कोई शक नहीं करेगा, लेकिन एसीबी की निगरानी ने उसकी पूरी योजना नाकाम कर दी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुराना खिलाड़ी निकला आरोपी, पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पटवारी का रिश्वतखोरी से पुराना संबंध रहा है। वर्ष 2016 में भी सैपऊ तहसील में जमीन के म्यूटेशन के एवज में रिश्वत लेते हुए एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस मामले की सुनवाई अभी न्यायालय में लंबित है।
अब फिर सलाखों के पीछे पहुंचा पटवारी
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को पूछताछ के बाद भरतपुर स्थित एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही उसके खिलाफ विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और कितने लोगों से इस तरह रिश्वत वसूली की।
इस कार्रवाई के बाद धौलपुर में हड़कंप मच गया है। एक बार जेल जा चुका पटवारी फिर उसी रास्ते पर पकड़ा गया—इस बार भी रिश्वत की रकम उसके हाथ में थी और एसीबी की पकड़ उससे ज्यादा मजबूत।
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