राजस्थान कृषि महाविद्यालय उदयपुर के 118 कृषि विद्यार्थी RAWE कार्यक्रम के तहत 90 दिनों के लिए चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद के कृषि विज्ञान केंद्रों पर रवाना हुए। डॉ. लोकेश गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी।
उदयपुर। राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के बी.एससी. (कृषि) चतुर्थ वर्ष के 118 विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के तहत विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। यह कार्यक्रम महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को स्वदेशी तकनीकी ज्ञान, आधुनिक कृषि पद्धतियों और कृषक समुदाय से व्यावहारिक अनुभव दिलाने के उद्देश्य से भेजा गया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं संकायाध्यक्ष डॉ. लोकेश गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।
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रवानगी से पूर्व विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. लोकेश गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन बनाए रखते हुए किसानों के साथ रहकर कृषि के व्यावहारिक पहलुओं को गंभीरता से सीखें। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को समन्वित कृषि प्रणाली, पारंपरिक एवं उन्नत खेती की तकनीकों तथा पशुपालन की आधुनिक व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि प्रत्येक छात्र कम से कम एक किसान के खेत पर पाँच पौधे अवश्य लगाए और राज्य व केंद्र सरकार की कृषि उन्नयन योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाए। उन्होंने कहा कि समर्पण और ईमानदारी से प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थी भविष्य में कृषि आधारित उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान विद्यार्थियों के कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के महत्व और नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के समन्वयक एवं प्रसार शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव बैराठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए RAWE कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम में 44 छात्राएँ और 74 छात्र, कुल 118 विद्यार्थी, भाग ले रहे हैं। इन्हें चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद स्थित कृषि विज्ञान केन्द्रों पर भेजा गया है, जहाँ वे 90 दिनों तक किसानों के साथ रहकर आधुनिक कृषि तकनीकों का अध्ययन और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा।
विद्यार्थियों के साथ डॉ. पूजा शर्मा, डॉ. आर.एन. कुम्हार एवं डॉ. हरि सिंह मीणा सहित अन्य सहायक प्राध्यापक भी विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों तक गए। इस अवसर पर महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ संकाय सदस्य, विद्यार्थी अनुभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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