वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा ने अपनी नई पुस्तक ‘शब्द प्रवाह’ की पांडुलिपि कामा स्थित श्री हरि कृपा आश्रम में स्वामी हरी चैतन्य पुरी को समर्पित की। पुस्तक में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष, संविधान, चुनाव और लोकतंत्र पर आधारित लेख शामिल हैं।
भरतपुर। पत्रकारिता, लोकतंत्र और संविधान की यात्रा को शब्दों में संजोने वाले वरिष्ठ पत्रकार गुलाब बत्रा की नई पुस्तक ‘शब्द प्रवाह’ प्रकाशन से पहले आध्यात्मिक आशीर्वाद से जुड़ गई। शुक्रवार को इसकी पांडुलिपि कामा स्थित श्री हरि कृपा आश्रम में स्वामी हरी चैतन्य पुरी को समर्पित की गई, जिन्होंने पुस्तक के सफल प्रकाशन के लिए अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
जयपुर पल्स प्रकाशन द्वारा प्रकाशित होने जा रही ‘शब्द प्रवाह’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि हिंदी पत्रकारिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों का दस्तावेज है। इसमें हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष, पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, भारतीय गणतंत्र, संविधान, चुनावी व्यवस्था और विधानसभा की कार्यप्रणाली जैसे विषयों पर आधारित लेखों का संकलन किया गया है।
इस अवसर पर गुलाब बत्रा ने अपनी चर्चित पहली पुस्तक ‘समाचारों की दुनिया’ के जून 2010 में प्रकाशित प्रथम संस्करण और अब तैयार किए गए द्वितीय संस्करण की भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता से जुड़े अनुभवों और बदलते दौर को पुस्तक के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम का एक भावपूर्ण क्षण तब आया, जब ब्रजभाषा के सुप्रसिद्ध गीतकार एवं पैरोडी के जनक वरुण चतुर्वेदी ने अपना लोकप्रिय गीत “मन चलियो रे ब्रजधाम, जहाँ बसें राधिका श्याम” प्रस्तुत किया। उनके मधुर गायन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया और उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा।
इस मौके पर राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी के निवर्तमान सचिव गोपाल गुप्ता एवं दैनिक राष्ट्र सम्मत के अजय नागर ने स्वामी हरी चैतन्य पुरी का स्वागत किया।
गोपाल गुप्ता ने बताया कि जयपुर पल्स प्रकाशन साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रकाशन कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकाशन संस्थान इससे पहले खेल पत्रकार पीयूष कुलश्रेष्ठ की चर्चित पुस्तक ‘माटी के मोती’ सहित कई साहित्यिक कृतियों का भी प्रकाशन कर चुका है।
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