97.85 करोड़ घोटाले में भी था जस्टिस यशवंत वर्मा का नाम, CBI ने FIR में बनाया था आरोपी नंबर 10 | इस सरकारी बैंक ने की थी शिकायत

नई दिल्ली 

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Verma) के सरकारी बंगले से कथित तौर पर 15 करोड़ रुपये कैश मिलने के मामले ने न्यायपालिका और जांच एजेंसियों को हिला कर रख दिया है। वहीं इस खुलासे के बाद अब उनके पुराने मामलों की भी परतें खुलने लगी हैं। खासतौर पर 97.85 करोड़ रुपये के सिम्भौली शुगर मिल घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता की चर्चा फिर से तेज हो गई है।

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97.85 करोड़ के  घोटाले में भी आरोपी नंबर दस थे जस्टिस वर्मा
2018 में सीबीआई (CBI) ने सिम्भौली शुगर मिल्स लिमिटेड के खिलाफ 97.85 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि कंपनी ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (Oriental Bank of Commerce) (अब PNB) से किसानों के नाम पर ऋण लिया, लेकिन इसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर हड़प लिया गया। इस घोटाले की जांच में जस्टिस वर्मा का नाम भी सामने आया था। उस समय वे कंपनी में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे और सीबीआई की एफआईआर में ‘आरोपी नंबर 10’ के रूप में सूचीबद्ध थे।

हालांकि, बाद में सीबीआई ने वर्मा का नाम चार्जशीट से हटा दिया और जांच धीमी पड़ गई। फरवरी 2024 में अदालत ने सीबीआई को फिर से जांच शुरू करने का आदेश दिया, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर दिया और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। 2018 में ईडी (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था और यह मामला लखनऊ स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) थाने में दर्ज हुआ था।

क्या फिर से खुलेगा 97.85 करोड़ का घोटाला?
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने सिम्भौली शुगर लिमिटेड को संदिग्ध धोखाधड़ी के रूप में चिह्नित किया था और RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) को इसकी जानकारी दी थी। अब जब जस्टिस वर्मा का नाम फिर से विवादों में है, तो सवाल उठ रहा है कि क्या सीबीआई इस घोटाले की जांच दोबारा शुरू करेगी?

CJI को सौंपी जांच रिपोर्ट
अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे 15 करोड़ रुपये नकदी और 97.85 करोड़ रुपये के घोटाले में आई नई कड़ियों को जोड़कर आगे की कार्रवाई करते हैं या नहीं। हालांकि  दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने 15 करोड़ रुपये वाले मामले की आंतरिक जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना को सौंप दी है।

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