एफएमजी डॉक्टरों के पर्मानेंट रजिस्ट्रेशन मुद्दे पर डीएमए इंडिया और ग्लोमेड इंडिया ने NMC कार्यालय पर शांतिपूर्ण सभा की। राजस्थान और पंजाब मेडिकल काउंसिल से जुड़े मामलों पर 7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन मिला।
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नई दिल्ली
विदेश से मेडिकल की पढ़ाई कर लौटे हजारों डॉक्टरों के लिए उम्मीद की बड़ी खबर सामने आई है। Democratic Medical Association India और Global Medicos India के बैनर तले National Medical Commission कार्यालय पर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) के पर्मानेंट रजिस्ट्रेशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण सभा आयोजित की गई, जिसमें देशभर से आए FMG डॉक्टरों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
सभा में डीएमए इंडिया की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अमित व्यास और राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी मौजूद रहे। वहीं ग्लोमेड इंडिया की तरफ से डॉ. निशांत कौशिक, डॉ. कृष्णा उपाध्याय और डॉ. अमन सोनी ने प्रतिनिधित्व किया। लंबे इंतजार के बाद प्रतिनिधिमंडल के चार सदस्यों को NMC अधिकारियों के साथ बैठक के लिए बुलाया गया।
बैठक के दौरान FMG डॉक्टरों के पर्मानेंट रजिस्ट्रेशन में आ रही दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने अलग-अलग राज्यों में अलग नियम लागू होने से पैदा हो रही समस्याओं को मजबूती से रखा। अधिकारियों ने एसोसिएशन की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि अगले 7 दिनों के भीतर संबंधित स्टेट मेडिकल काउंसिल्स को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
राजस्थान का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया
बैठक में खास तौर पर राजस्थान से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राजस्थान में FMG डॉक्टरों को पर्मानेंट रजिस्ट्रेशन हासिल करने में सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर NMC अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि Rajasthan Medical Council के रजिस्ट्रार को लिखित जवाब और आवश्यक स्पष्टीकरण भेजे जाएंगे।
अब निगाहें राजस्थान मेडिकल काउंसिल पर टिकी हैं कि वह योग्य FMG डॉक्टरों को कितनी संवेदनशीलता और सकारात्मक रवैये के साथ पर्मानेंट रजिस्ट्रेशन देती है।
पंजाब मेडिकल काउंसिल के मुद्दे भी उठे
बैठक में Punjab Medical Council से जुड़े इंटर्नशिप मामलों को भी उठाया गया। FMG डॉक्टरों ने इंटर्नशिप प्रक्रिया में आ रही परेशानियों को अधिकारियों के सामने रखा, जिस पर समाधान का भरोसा दिया गया।
देशभर में एक जैसी पॉलिसी की मांग
एसोसिएशन की सबसे बड़ी मांग यह रही कि FMG डॉक्टरों के पर्मानेंट रजिस्ट्रेशन के लिए पूरे देश में एक समान और यूनिफॉर्म पॉलिसी लागू की जाए। वर्तमान में अलग-अलग राज्यों के अलग नियमों के कारण योग्य डॉक्टरों को मानसिक तनाव, प्रशासनिक अड़चनें और अनावश्यक देरी झेलनी पड़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि पूरे देश में एक समान नीति लागू होती है तो हजारों FMG डॉक्टरों को राहत मिलेगी और उन्हें बिना भेदभाव रजिस्ट्रेशन प्राप्त हो सकेगा।
‘अब हमारी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर सुनी जा रही’
बैठक के बाद डीएमए इंडिया और ग्लोमेड इंडिया ने आंदोलन में शामिल सभी FMG डॉक्टरों का आभार जताया। संगठनों ने कहा कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज को अब राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से सुना जा रहा है।
बैठक के सकारात्मक संकेतों के बाद लंबे समय से पर्मानेंट रजिस्ट्रेशन की लड़ाई लड़ रहे हजारों FMG डॉक्टरों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
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