कविता
सीए. विनय गर्ग
जिंदगी ऐसे ही गुजर जाएगी,
गिले शिकवे करते करते,
बचे हैं लम्हे जो भी जिंदगी के,
आओ क्यूँ न गुजारें उन्हें हँसते हँसते।।
कभी मैं खफा हो जाऊं तो तुम मना लिया करना,
और जो तुम नाराज हो गए कभी,
तो हम मना लेंगे।।
जिंदगी चार दिन की बाकी है,
नहीं रखा है कुछ रूठने मनाने में,
आओ साथ चलते हैं जिंदगी के हँसी सफर पर,
कुछ नहीं रखा है इक दूजे को नीचा दिखाने में।।
गुरुर तो उन महलों का भी न रहा,
जो खड़े थे सीना ताने – मजबूत पत्थरों की नीवों पर।
फिर हमारी तो औकात क्या है,
हम तो खुद शीशे के घरों में रहते हैं।।
क्यूँ पाले हो मन में ये अहम ये अहंकार इतना,
अहम तो अच्छे-अच्छों का न रहा।
जब समय बदलता है दोस्तो,
उसे बेरहमी से टूटते हम सबने देखा है।।
छोड़ो ये गुरुर, ये अहम और ये अहंकार दोस्तो,
न हांसिल होगा इनसे जिंदगी में कुछ भी दोस्तो।
चलो, बन जाते हैं फिर से वही अलमस्त दोस्तो,
आओ, बन जाते हैं फिर से वही अलमस्त दोस्तो।।
ये भी पढ़ें
- उदयपुर में ‘मिनी मिलिट्री अकादमी’ का नजारा | 600 NCC कैडेट सीख रहे ड्रोन उड़ाना, फायरिंग और नेतृत्व के गुर
- कुरुक्षेत्र अस्पताल विवाद में नया मोड़ | नर्सों को बलि का बकरा बनाने का आरोप, डीएमए ने उठाए सवाल
- अब कागज की पर्ची नहीं चलेगी | 15 जून से ई-पर्ची के बिना नहीं मिलेगी RGHS की दवा
- रसोई से राष्ट्र निर्माण तक: सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों को दिया नया दर्जा | कहा- सिर्फ होममेकर नहीं, ‘नेशन बिल्डर’ हैं महिलाएं
- सुबह दौड़ने निकला था सौरभ, दोपहर तक पहुंच गया मोर्चरी में | प्रेम प्रसंग की चर्चा के बीच गांव में युवक की हत्या
- 1500 किसान, एक मंच और ‘जहर मुक्त खेती’ का संकल्प | चित्तौड़गढ़ में प्राकृतिक खेती को लेकर बड़ा मंथन
- कुर्सी से उठे अफसर-कर्मचारी, योग मैट पर जुटे विभाग | उदयपुर में योग और हार्टफुलनेस ध्यान से दिया तनावमुक्त जीवन का संदेश
- कुतुब मीनार पर चमकी गोडावण की कहानी | कभी राष्ट्रीय पक्षी बनने की दौड़ में था, अब बचाने की जंग का बना चेहरा
- नारी चौपाल में गूंजी महिला सशक्तिकरण की आवाज | योजनाओं की जानकारी के साथ आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश
- ‘शिक्षा विभूषण’ से लेकर ‘शिक्षा श्री’ तक… किसे मिलेगा कौन-सा सम्मान? | शिक्षा विभाग ने जारी किए नए मानदंड
प्रतिक्रिया देने के लिए ईमेल करें : ok@naihawa.com
SHARE THIS TOPIC WITH YOUR FREINDS
