शिक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: TET सर्टिफिकेट अब आजीवन मान्‍य

नई दिल्ली 

सरकारी टीचर बनने की ख्वाहिश रखने वाले उम्मीदवारों के लिए शिक्षा मंत्रालय ने बड़ी खुशखबरी दी है। अब देश में शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए जरूरी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) सर्टिफिकेट की वैधता 7 वर्ष की अवधि से बढ़ाकर आजीवन कर दी गई है। यानी कि अब एक बार TET पास करने पर इसका सर्टिफिकेट जीवन भर के लिए मान्य रहेगा। ये फैसला 10 साल पहले से लागू होगा। केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस फैसले की घोषणा की। आपको बता दें कि टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट स्कूलों में शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यताओं में से एक है। इससे पहले, TET पास सर्टिफिकेट की वैधता 7 साल के लिए थी, लेकिन कैंडिडेट्स पर सर्टिफिकेट प्राप्त करने के अटेम्प्ट की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं था। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से हर वर्ष 2 बार सीटेट परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि, “यह टीचिंग फील्ड में करियर बनाने के इच्छुक कैंडिडेट्स के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा। शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, ये फैसला 10 साल पहले से लागू किया गया है। यानी इन सालों के बीच जिनके भी प्रमाण-पत्रों की अवधि पूरी हो चुकी है, वे भी अब शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए एलिजिबल होंगे।

अवधि पूरी कर चुके कैंडिडेट्स को भी मिलेगा फायदा
पहले, सर्टिफिकेट की वैधता केवल 7 वर्ष की होती थी और इस दौरान भर्ती न मिल पाने पर उम्‍मीदवार को दोबारा पास करनी पड़ती थी. अब केवल एक बार परीक्षा पास करने के बाद ही उम्‍मीदवार शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए आजीवन पात्र होंगे शिक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जिन कैंडिडेट्स के प्रमाणपत्र की सात वर्ष की अवधि पूरी हो गई है, उनके लिए संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रशासन नए सिरे से TET प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के 11 फरवरी, 2011 के दिशा-निर्देशों में किया गया है। केंद्र शासित प्रदेश उन उम्मीदवारों को नए TET प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे जिनकी 07 वर्ष की अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है

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