भरतपुर
भरतपुर ज़िला व्यापार महासंघ की ओर से प्रस्तावित बढ़ी हुई जीएसटी के विरोध में 23 दिसम्बर को लक्ष्मण मंदिर चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन एवं पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित होगा। महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता की अनुशंसा पर संघर्ष समिति अध्यक्ष भगवानदास बंसल व सह संयोजक जयप्रकाश बजाज ने आंदोलन की तैयारियों का जायजा लिया।
बयाना में भी किया प्रदर्शन
महासंघ के ज़िला प्रवक्ता विपुल शर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर को भरतपुर जिला व्यापार महासंघ की इकाई बयाना व्यापर संघ द्वारा प्रस्तावित जीएसटी के विरोध में बयाना में प्रदर्शन किया एवं भरतपुर शहर में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। जिसमें काफी संख्या में आमजन ने भी महंगाई से तंग आकर हस्ताक्षर किए और अपना विरोध दर्ज कराया।
शर्मा ने बताया कि इसी आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 23 दिसंबर को सांय 4:00 बजे एक विशाल धरना प्रदर्शन लक्ष्मण मंदिर चौक पर रखा गया है जिसमें सभी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ- साथ सभी व्यापारियों व आमजन को भी आमंत्रित किया गया है।
धरना प्रदर्शन के बाद प्रस्तावित बढ़ी हुई जीएसटी के विरोध में जीएसटी कॉन्सिल के पुतला दहन का कार्यक्रम भी रखा गया है। जिला प्रवक्ता ने बताया कि जीएसटी लगे हुए 5 साल हुए हैं और इन 5 सालों में लगभग 950 बार जीएसटी के नियमों में बदलाव किया जा चुका है। जब 5 सालों में सरकार ही अभी तक जीएसटी के नियमों का सही प्रारूप नहीं समझ पाई है तो आमजन व आम व्यापारी कैसे समझ सकता है। इसलिए जीएसटी के नियमों को सरल किया जाना चाहिए एवं वर्तमान में जिस हिसाब से देश में महंगाई हो रही है उसे देखते हुए कपड़ा रेडीमेड व फुटवियर पर जीएसटी की दरें 5% से बढ़ाकर 12% नहीं करनी चाहिए।
शर्मा ने कहा कि इससे आमजन पर लगभग सिर्फ कपड़े पर 135 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। जबकि रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य यह सभी आम इंसान की मूलभूत आवश्यकताएं है। इसको ध्यान रखते हुए सरकार को 1 जनवरी,2022 से प्रस्तवित कपड़े रेडीमेड व फुटवियर पर 5%से बढ़ाकर 12% जीएसटी करने के निर्णय को तुरंत वापस लेना चाहिए।
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