RVRES कार्मिकों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अनुदानित संस्था की पूर्व सेवा जोड़कर पुरानी पेंशन देने और बजट 2026 में प्रावधान शामिल करने की मांग की।
जयपुर
राज्य की अनुदानित संस्थाओं से जुलाई 2011 में राज्य सेवा में समायोजित किए गए RVRES कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में राजस्थान समायोजित सेवानिवृत्त शिक्षक कर्मचारी मंच की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर बजट 2026 में इस प्रावधान को शामिल करने का विनम्र निवेदन किया गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि अनुदानित संस्थाओं से आए लगभग 8000 कार्मिकों में से करीब 3500 सेवानिवृत्त कर्मचारी केवल इस वजह से पुरानी पेंशन से वंचित हैं क्योंकि उनकी सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से नहीं की गई। जबकि अप्रैल 2022 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है, जिससे समान सेवा वर्ग में असमानता की स्थिति बन गई है।
मंच ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इन कार्मिकों को पेंशन का लाभ दिया जाता है तो वे अपना CPF ब्याज सहित तथा NPS में जमा राज्य अंश राज्यकोष में जमा करेंगे। इससे अनुमान है कि सरकार पर प्रारंभिक 2 से 3 वर्षों तक किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
ज्ञापन के अनुसार मामला फिलहाल वित्त विभाग में निर्णयाधीन है और पत्रावली परीक्षण के क्रम में है। ऐसे में मांग की गई है कि आगामी फरवरी 2026 के बजट में ही प्रथम नियुक्ति से पूर्व सेवा को जोड़ते हुए पेंशन देने का प्रावधान किया जाए।
ज्ञापन में यह भावुक तथ्य भी सामने रखा गया है कि पेंशन की प्रतीक्षा करते-करते लगभग 500 कार्मिकों का निधन हो चुका है। मंच के मुख्य संचालक विजय उपाध्याय ने उम्मीद जताई है कि सरकार इन कार्मिकों की 13 वर्षों से चली आ रही पीड़ा को देखते हुए घोषणा 2026 में सहानुभूतिपूर्ण निर्णय लेगी।
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