भरतपुर (Bharatpur) में सड़क चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों की बैठक हुई। कई क्षेत्रों के लोग शामिल हुए, राहत और आंदोलन दोनों की स्थिति बनी हुई है।
भरतपुर
भरतपुर में सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्यों को लेकर उठ रहा तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जिला व्यापार महासंघ द्वारा गठित संघर्ष समिति की बैठक में जहां बातचीत और समाधान की उम्मीद जगी, वहीं असंतोष और आंदोलन की चेतावनी भी खुलकर सामने आई।
रेडक्रास से मुरली प्लाजा तक राहत
बैठक में महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने रेडक्रास सर्किल से मुरली प्लाजा तक सड़क चौड़ीकरण को 36 मीटर से घटाकर 24 मीटर किए जाने पर राहत जताई। उन्होंने बीडीए कमिश्नर तनिष्क कटारिया और प्रशासनिक व राजनीतिक स्तर पर सहयोग देने वाले शिवानी दायमा, नरेन्द्र सिंघल, ब्रजेश अग्रवाल और शैलेष कौशिक का आभार व्यक्त किया।
उनका कहना था कि यह बदलाव व्यापारियों की पीड़ा को समझकर किया गया, जिससे नुकसान कम हुआ है। साथ ही यह संकेत भी मिला कि वैध दस्तावेज वालों को मुआवजे पर विचार चल रहा है।
पूरा शहर एक साथ, हर क्षेत्र से उठी आवाज
बैठक में सिर्फ एक-दो नहीं, बल्कि भरतपुर के लगभग हर प्रभावित इलाके के प्रतिनिधि मौजूद रहे। रेडक्रास सर्किल, मुरली प्लाजा, स्टेशन बजरिया, मानसिंह सर्किल, पक्का बाग, सीसम तिराहा, हीरादास, चामड़ सरसों अनुसंधान केंद्र, सेवर, तोप सर्किल, कुम्हेर गेट, डीग रोड और बीनारायन गेट—हर क्षेत्र की चिंता एक ही टेबल पर रखी गई।
बातचीत चल रही है, आंदोलन टल सकता है—लेकिन खत्म नहीं
बैठक में माहौल को संभालते हुए जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने साफ किया कि फिलहाल प्रशासन से बातचीत जारी है, इसलिए आंदोलन की जरूरत नहीं है। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कहा कि अगर आने वाले समय में समाधान नहीं निकला तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना था कि विकास जरूरी है, लेकिन नुकसान न्यूनतम होना चाहिए।
स्पष्ट योजना की मांग—लोगों का डर खत्म करो
विपुल शर्मा ने प्रशासन से मांग की कि हर क्षेत्र में स्पष्ट कर दिया जाए कि कितनी जमीन अधिग्रहित होगी और सड़क कितनी चौड़ी बनेगी, ताकि भ्रम और डर खत्म हो सके।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर
ऑटोमोबाइल सोसायटी के अध्यक्ष मोहन सिंघल और मंत्री निरंजन मित्तल ने वैकल्पिक रास्तों को तुरंत दुरुस्त करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी और धूल के कारण लोग पहले से परेशान हैं, इसलिए पानी का छिड़काव दिन में कई बार जरूरी है।
महासंघ मंत्री मनीष मेहरा ने टूटी पाइप लाइनों को तुरंत ठीक करने की मांग की, जबकि यज्ञदत्त शर्मा ने चेताया कि मानसून से पहले काम पूरा नहीं हुआ तो जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
माहौल में उम्मीद और तनाव दोनों
बैठक में जहां बातचीत और समाधान की उम्मीद दिखाई दी, वहीं आंदोलन की चेतावनी भी टली नहीं है। साफ है कि मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
बैठक में रामेश्वर सैनी, मुकेश अग्रवाल, अवधेश कुमार शर्मा, सुबोध शर्मा, दिनेश सिंघल, संजय बंसल, ताराचंद, नीरज, अनिल कुमार, महेन्द्र, हरीश गर्ग, आशीष, विनय, बिजेन्द्र कुमार, सुरेश, रिशभ, राजीव, प्रबोध शर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और आमजन शामिल रहे।
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