साइटसेवर्स इंडिया ने 2026 फेलोशिप प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं। 18 महीने की इस फेलोशिप में नेत्र रोग विशेषज्ञों को सर्जिकल ट्रेनिंग, स्टाइपेंड, बीमा और देशभर के अस्पतालों में काम करने का अवसर मिलेगा।
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गुवाहाटी
एमएस, डीएनबी या डीओ की डिग्री लेने के बाद अगर कोई युवा नेत्र रोग विशेषज्ञ अपने करियर को नई ऊंचाई देना चाहता है, तो उसके लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। साइटसेवर्स इंडिया ने वर्ष 2026 के लिए अपने प्रतिष्ठित इंडिया फेलोशिप प्रोग्राम के आवेदन खोल दिए हैं। यह केवल एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं, बल्कि युवा डॉक्टरों को सर्जरी, क्लिनिकल प्रैक्टिस और नेतृत्व क्षमता में निखारने की एक व्यापक पहल है।
18 महीने की इस फेलोशिप का मकसद ऐसे नेत्र रोग विशेषज्ञ तैयार करना है, जो देश के दूर-दराज और जरूरतमंद इलाकों में भी उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र सेवाएं उपलब्ध करा सकें। संगठन का मानना है कि मेडिकल डिग्री हासिल करने के बाद डॉक्टरों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने और अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
पहले सर्जरी की ट्रेनिंग, फिर मैदान में असली परीक्षा
फेलोशिप की शुरुआत चार महीने की गहन सर्जिकल ट्रेनिंग से होगी। यह प्रशिक्षण देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में कराया जाएगा, जहां प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाओं का अनुभव मिलेगा।
इसके बाद चयनित फेलो को 14 महीनों तक विभिन्न राज्यों के पार्टनर अस्पतालों में तैनात किया जाएगा। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्य शामिल हैं। यहां डॉक्टरों को ग्रामीण और संसाधन-सीमित क्षेत्रों में मरीजों का इलाज करने तथा जटिल मामलों को संभालने का वास्तविक अनुभव मिलेगा।
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सिर्फ इलाज नहीं, लीडरशिप भी सीखेंगे डॉक्टर
इस कार्यक्रम की खासियत यह है कि इसमें केवल मेडिकल स्किल्स पर ही नहीं, बल्कि नेतृत्व और प्रबंधन क्षमताओं पर भी ध्यान दिया जाता है। उम्मीदवारों को अस्पताल प्रबंधन, सामुदायिक नेत्र स्वास्थ्य कार्यक्रमों और टीम लीडरशिप की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। साइटसेवर्स इंडिया का मानना है कि भविष्य के नेत्र विशेषज्ञों को केवल अच्छा चिकित्सक ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने वाला नेतृत्वकर्ता भी होना चाहिए।
10 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा संगठन
संगठन वर्ष 1970 से ऐसी दुनिया बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जहां किसी व्यक्ति की रोशनी रोकी जा सकने वाली वजहों से न जाए। देश के विभिन्न राज्यों में साइटसेवर्स इंडिया अब तक 10 करोड़ से अधिक लोगों की आंखों की जांच और नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ चुका है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस फेलोशिप के लिए भारतीय उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास ऑप्थैल्मोलॉजी में एमएस, डीएनबी या डीओ की डिग्री हो। चयन प्रक्रिया में ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनमें सीखने की ललक, विभिन्न परिस्थितियों में काम करने की क्षमता, पेशेवर जिम्मेदारी और जरूरतमंद समुदायों की सेवा का जज्बा हो।
स्टाइपेंड के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं
चयनित उम्मीदवारों को हर महीने स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा फेलोशिप पूरी करने पर इंसेंटिव, मेडिक्लेम, दुर्घटना बीमा और प्रोफेशनल इंडेम्निटी इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
साइटसेवर्स इंडिया के सीईओ आर.एन. मोहंती के अनुसार, यह फेलोशिप युवा नेत्र रोग विशेषज्ञों को आत्मविश्वास, उन्नत सर्जिकल कौशल और वास्तविक अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, ताकि वे उन लोगों तक बेहतर नेत्र सेवाएं पहुंचा सकें जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए विजिट करें:
https://indiafellowshipprogram.sightsaversindia.org/
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