राजस्थान में 7 से 10 अगस्त के बीच मानसून फिर सक्रिय होगा। मौसम विभाग ने भरतपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी दी है। कई बांधों का जलस्तर भी बढ़ा है।
जयपुर। कुछ दिनों की राहत के बाद राजस्थान में मानसून एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 7 से 10 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का नया और मजबूत दौर शुरू हो सकता है। खासतौर पर भरतपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी राजस्थान और उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर 6-7 अगस्त से नया परिसंचरण तंत्र (सर्कुलेशन सिस्टम) बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय होगा और बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ सकती हैं।
इन संभागों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 7 अगस्त से शुरू होने वाला बारिश का दौर 10 अगस्त तक जारी रह सकता है। इस दौरान भरतपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अतिभारी वर्षा भी हो सकती है। लगातार बारिश की स्थिति बनने पर निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पश्चिमी राजस्थान में भी बदलेगा मिजाज
जोधपुर और बीकानेर संभाग में फिलहाल अगले दो-तीन दिन बारिश अपेक्षाकृत कम रहने के आसार हैं। हालांकि 7 से 9 अगस्त के बीच यहां भी मानसूनी गतिविधियां फिर तेज होने का अनुमान है।
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24 घंटे में यहां सबसे ज्यादा बरसे बादल
बीते 24 घंटों में दौसा, डीडवाना, हनुमानगढ़, कोटा और सिरोही जिलों के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 107 मिमी बारिश दौसा जिले के मंडावर में रिकॉर्ड की गई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी।
बांधों में बढ़ा पानी, कई जलाशयों की स्थिति सुधरी
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के प्रमुख बांधों पर भी दिखाई देने लगा है। कोटा बैराज अपनी कुल भराव क्षमता के 96.76 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जबकि मोरेल बांध (दौसा) पूरी तरह भर चुका है। इसके अलावा राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, बीसलपुर, माही बजाज सागर और अन्य प्रमुख जलाशयों में भी जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सिंचाई और पेयजल की दृष्टि से राहत की उम्मीद बढ़ी है।
अगले कुछ दिन क्यों हैं अहम?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नया परिसंचरण तंत्र अपेक्षा के अनुरूप मजबूत हुआ तो पूर्वी राजस्थान में बारिश का यह दौर कई जिलों के लिए राहत भी ला सकता है और चुनौती भी। ऐसे में भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
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