दौसा में राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन में शिक्षक हित, छात्र हित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शैक्षिक नवाचार और शिक्षक दायित्वों पर मंथन हुआ।
दौसा। शिक्षकों के अधिकार, उनके दायित्व, विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षा व्यवस्था में नवाचार—इन मुद्दों को लेकर दौसा में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में शिक्षकों ने मंथन किया। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ जिला दौसा के तत्वावधान में ओम साईं पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भांकरी रोड पर हुए सम्मेलन में शिक्षक हितों के साथ छात्र हित से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) ओमप्रकाश महावर ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण है। उन्होंने शिक्षकों से अपने अधिकारों के साथ दायित्वों का भी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया। महावर ने कहा कि विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा देकर उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना शिक्षक का महत्वपूर्ण दायित्व है। जिले में चल रहे शैक्षिक नवाचारों में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता में शिक्षक और छात्र हित रहेंगे।
‘शिक्षक समाज की रीढ़, सम्मान हमारी प्राथमिकता’
सम्मेलन के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सीताराम शास्त्री ने शिक्षक को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि शिक्षक का सम्मान प्राथमिकता में होना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षक अपने ज्ञान, आचरण और कर्तव्यनिष्ठा के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत दौसा के महासंघ प्रमुख भगवान वर्मा ने शिक्षक की भूमिका को एक अलग अंदाज में समझाते हुए कहा, ‘शिक्षक और सड़क दोनों एक जैसे होते हैं। खुद जहां हैं, वहीं रहते हैं, मगर दूसरों को उनकी मंजिल तक पहुंचा देते हैं।’ उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है और विद्यार्थियों को सही दिशा देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
शिक्षक सम्मान को लेकर संगठन ने रखी अपनी बात
महासंघ के जिलाध्यक्ष एन.आर. बालोत ने कहा कि महासंघ शिक्षकों के हितों के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ा मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक सम्मान को किसी भी स्थिति में आंच नहीं आने दी जाएगी। साथ ही शिक्षकों से अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने की अपील की।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी तेजकरण शर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में शिक्षक की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। शिक्षकों को बच्चों को अच्छे संस्कार देने के साथ बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए।
‘किसी शिक्षक के साथ नियम विरुद्ध कार्रवाई बर्दाश्त नहीं’
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ जिला दौसा के जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह उमरवाल ने कहा कि जिले में शिक्षकों की समस्याओं का समाधान और शिक्षक सम्मान संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी शिक्षक साथी के सम्मान के साथ प्रताड़ना या नियम विरुद्ध कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन शिक्षक हितों के लिए मजबूती से काम करता रहेगा।
महासंघ के जिला प्रवक्ता अशोक भागोती ने शिक्षकों से संगठित रहने और अपने दायित्वों का समय पर तथा पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की अपील की।
इन पदाधिकारियों और वक्ताओं ने भी रखे विचार
सम्मेलन में महासंघ के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रधानाचार्य राजन मीना, महुवा ब्लॉक अध्यक्ष नौरंग राम मीना, महासंघ के बांदीकुई ब्लॉक अध्यक्ष रामोतार चौधरी, संयोजक हजारीलाल मीना, सह-संयोजक रामखिलाड़ी गुर्जर, गीता यादव और जयसिंह गुर्जर सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
इस दौरान संगठन के जिला महामंत्री धर्मराज शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिसिंह कालेड़ा, डाल सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, बांदीकुई ब्लॉक अध्यक्ष मनभावन खटाना, लवाण ब्लॉक अध्यक्ष चेतन महावर, नांगल राजावतान ब्लॉक अध्यक्ष चिरंजीलाल कुम्हार, रणवीर सिंह गुर्जर, शिवकुमार शर्मा, सुनीता मीणा, सानिया गुप्ता, पूनम चौधरी, ममता मीणा, रमेशचंद गुर्जर, जलाराम मीणा, परशुराम मीणा, शिंभुदयाल लांगड़ी, फतेह सिंह गुर्जर, इस्लामुद्दीन खान और रमेश महावर सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
दो दिवसीय सम्मेलन में शिक्षक हित और छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शैक्षिक नवाचारों को आगे बढ़ाने और शिक्षकों की जिम्मेदारियों को लेकर भी विचार साझा किए गए।
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