भरतपुर जिले की बयाना और उच्चैन नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद की तस्वीर साफ हो गई है। बयाना में रेखा अग्रवाल के नामांकन वापस लेने से ऊषा अग्रवाल का निर्विरोध निर्वाचन तय है, जबकि उच्चैन में दलीप सिंह अंबेश निर्विरोध चुने गए हैं।
भरतपुर। निकाय चुनाव के बाद अध्यक्ष की कुर्सी के लिए पार्षदों के बीच चलने वाली जोड़तोड़ और खींचतान का खेल बयाना और उच्चैन में अलग ही अंदाज में खत्म हुआ। बयाना में आखिरी वक्त पर निर्दलीय प्रत्याशी ने मैदान छोड़ दिया, जबकि उच्चैन में भाजपा समर्थित प्रत्याशी के सामने किसी ने नामांकन तक दाखिल नहीं किया। नतीजा यह रहा कि भरतपुर जिले की दोनों नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित चेहरे की एंट्री लगभग निर्विरोध तरीके से हो गई।
बयाना में आखिरी मोड़ पर रेखा ने खींचे हाथ
बयाना नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबला दिखाई दे रहा था, लेकिन नाम वापसी के आखिरी दिन तस्वीर अचानक बदल गई। निर्दलीय प्रत्याशी रेखा अग्रवाल ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके साथ ही भाजपा की ऊषा अग्रवाल अकेली उम्मीदवार रह गईं और उनके निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने का रास्ता साफ हो गया।
नामांकन वापसी से पहले रेखा अग्रवाल भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। इसके बाद उनके नामांकन वापस लेने के साथ ही बयाना में अध्यक्ष पद के लिए होने वाला मुकाबला खत्म हो गया।
ऊषा अग्रवाल की अध्यक्ष पद पर वापसी भी अपने आप में खास है। वह इससे पहले 1995 में बयाना नगरपालिका की चेयरमैन रह चुकी हैं। यानी करीब तीन दशक बाद एक बार फिर उन्हें नगरपालिका की कमान संभालने का मौका मिलने जा रहा है।
उच्चैन में मुकाबले की बारी आई तो मैदान खाली
उच्चैन में कहानी बयाना से भी अलग रही। यहां भाजपा समर्थित दलीप सिंह अंबेश के सामने अध्यक्ष पद के लिए किसी दूसरे उम्मीदवार ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया। लिहाजा मतदान की स्थिति बनने से पहले ही उन्हें शुक्रवार को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और पूर्व डीआईजी दलीप सिंह अंबेश निकाय चुनाव में वार्ड संख्या 6 से पार्षद चुने गए थे। खास बात यह भी है कि वे जिले में सर्वाधिक वोट प्रतिशत से जीतने वाले पार्षदों में शामिल रहे।
पार्षदों के आंकड़े कुछ और, अध्यक्ष की तस्वीर कुछ और
दोनों नगरपालिकाओं की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि पार्षदों के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों का असर साफ दिखाई दिया था। इसके बावजूद अध्यक्ष पद की लड़ाई उस मुकाम तक नहीं पहुंची, जिसकी निकाय चुनाव के बाद उम्मीद की जा रही थी।
उच्चैन की 25 सदस्यीय नगरपालिका में भाजपा के 11, निर्दलीयों के 13 और कांग्रेस का एक पार्षद चुना गया। इसके बावजूद अध्यक्ष पद पर दलीप सिंह अंबेश के सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं उतरा। वहीं बयाना में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद निर्दलीय रेखा अग्रवाल के हटते ही भाजपा की ऊषा अग्रवाल का रास्ता साफ हो गया।
इस तरह दोनों पालिकाओं में अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा जुटाने की नौबत ही नहीं आई। एक जगह आखिरी समय में मुकाबला खत्म हुआ और दूसरी जगह मुकाबला शुरू होने से पहले ही। अब बयाना में निर्वाचन की औपचारिक घोषणा बाकी है, जबकि उच्चैन में दलीप सिंह अंबेश के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा हो चुकी है।
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