जयपुर
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनावों में टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। 12 अगस्त गुरूवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द डोटासरा की मौजूदगी में शुरू हुई जिलेवार बैठकों के तहत भरतपुर और दौसा के कार्यकर्ताओं में मतभेद खुलकर सामने आ गए।
डोटासरा ने दौसा, सवाईमाधोपुर, भरतपुर और सिरोही जिले के विधायकों, विधायक उम्मीदवारों और संगठन प्रभारियों की बैठक ली थी। इन चार जिलों में 5 विधायक ऐसे हैं, जो कांग्रेस को हराकर विधायक बने। अब उनकी सलाह से टिकट बांटने का कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवार विरोध कर रहे हैं।
भरतपुर जिले की बैठक में तो भरतपुर से कांग्रेस के टिकट पर जीता हुआ कोई भी विधायक ही नहीं पहुंचा। पूर्व मंत्री और विधायक विश्वेंद्र सिंह, वैर विधायक और मंत्री भजनलाल जाटव और पायलट समर्थक बयाना विधायक अमर सिंह जाटव बैठक से नदारद रहे।
जिन्होंने कांग्रेस को हराया वही आए डोटासरा की बैठक में
भरतपुर की इस बैठक में बसपा से कांग्रेस में आए नदबई विधायक जोगिंद्र सिंह अवाना और नगर विधायक वाजिद अली, भरतपुर से राष्ट्रीय लोकदल के विधायक और मंत्री सुभाष गर्ग ही शामिल हुए। बैठक में प्रभारी वेद प्रकाश सोलंकी ने सबकी राय से टिकट बांटने की बात रखी, जहां कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवार हैं उनकी राय से भी टिकट बांटने की सलाह दी। भरतपुर में पार्टी कई जगह बिना सिंबल उम्मीदवार उतार सकती है।
विश्वेंद्र पहले ही बोल चुके बिना सिम्बल के लड़ेंगे चुनाव
आपको बता दें कि डोटासरा की इस बैठक से पहले ही डीग-कुम्हेर के विधायक और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह घोषणा कर चुके हैं कि भरतपुर में कांग्रेस बिना सिम्बल के ही चुनाव लड़ेगी
दौसा में हुडला और बोहरा का विरोध
दौसा जिले की बैठक में पूर्व जिला प्रमुख और गहलोत समर्थक अजीत सिंह महुवा ने निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला और कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवार अजय बोहरा के कहने से टिकट देने का विरोध किया। अजीत सिंह ने डोटासरा से कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट की दावेदारी होने के बावजूद जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो बागी लड़ने की जगह पार्टी का साथ दिया। अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में टिकट बांटने में मेरी राय को महत्व दिया जाए। इस बैठक में दौसा के महवा में निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुड़ला और हारे हुए उम्मीदवार अजय बोहरा को भी बैठक में बुलाया गया था।
दौसा के महवा में ओमप्रकाश हुड़ला, सवाईमाधोपुर के गंगापुर में रामकेश मीणा, नगर से वाजिद अली, नदबई से जोगिंद्र सिंह अवाना और सिरोही से संयम लोढ़ा कांग्रेस को हराकर विधायक बने। ये विधायक अब सरकार के साथ हैं। इसलिए इनकी सलाह से पंचायतीराज चुनाव में टिकट बंटेंगे। निर्दलियों और बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों से हारने वाले उम्मीदवार अब उनकी राय से टिकट बांटने का विरोध कर रहे हैं। सिरोही जिले में कांग्रेस का कोई विधायक नहीं है, इसलिए वहां पूरे जिले में टिकट वितरण में संयम लोढ़ा के दखल का विरोध हो रहा है।
सवाईमाधोपुर में भी विरोध
इस बैठक में सवाईमाधोपुर विधायक दानिश अबरार और गंगापुर से निर्दलीय रामकेश मीणा भी नहीं आए। सवाईमाधोपुर के बामनवास और गंगापुर में भी टिकट को लेकर गतिरोध है। बामनवास विधायक इंद्रा मीणा ने पार्टी के ही कुछ नेताओं के खिलाफ शिकायत की है। गंगापुर में हारे हुए उम्मीदवार और उनके समर्थक निर्दलीय रामकेश मीणा को टिकट वितरण में महत्व दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।
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