जयपुर के नाहरगढ़ थाने में तैनात SI गिरधारी लाल मीणा को ACB ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जब्त मोबाइल और पर्स लौटाने के बदले 25 हजार की मांग का आरोप है।
जयपुर: राजधानी में पुलिस थाने में जब्त सामान वापस लेने के लिए भी रिश्वत का खेल सामने आया है। नाहरगढ़ थाने में तैनात उप निरीक्षक गिरधारी लाल मीणा को एसीबी ने गुरुवार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ थाने में दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी के दौरान परिवादी का मोबाइल फोन और पर्स जब्त किए गए थे। इन्हीं सामानों को वापस लौटाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
एसीबी की विशेष अनुसंधान इकाई ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान आरोपी SI को परिवादी से रिश्वत की रकम लेते पकड़ लिया गया।
पहले ₹5 हजार लिए, फिर मांगी बड़ी रकम
एसीबी के मुताबिक विशेष अनुसंधान इकाई को शिकायत मिली थी कि नाहरगढ़ थाने के मुकदमा नंबर 105/2025 में परिवादी की गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल और पर्स वापस देने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी उप निरीक्षक पहले ही परिवादी से 5 हजार रुपए ले चुका था। इसके बावजूद सामान लौटाने के लिए अतिरिक्त रकम की मांग की जा रही थी।
शिकायत के सत्यापन के दौरान उप निरीक्षक गिरधारी लाल मीणा द्वारा कथित तौर पर 25 हजार रुपए की मांग किए जाने की बात सामने आई। बाद में जब्त सामान वापस करने के लिए 10 हजार रुपए में सहमति बनने की जानकारी एसीबी को मिली। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की तैयारी की।
₹10 हजार लेते ही ACB ने पकड़ लिया
गुरुवार को तय योजना के तहत परिवादी ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी। इसी दौरान एसीबी की टीम ने 10 हजार रुपए लेते हुए उप निरीक्षक गिरधारी लाल मीणा को पकड़ लिया। गिरधारी लाल मीणा पुलिस थाना नाहरगढ़, जयपुर उत्तर आयुक्तालय में उप निरीक्षक के पद पर तैनात था।
कार्रवाई उपमहानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में की गई। एसीबी की विशेष अनुसंधान इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रघुवीर शरण की टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
जमानत के बाद सामान लेने पहुंचा था परिवादी
एसीबी की शुरुआती जानकारी के अनुसार परिवादी के खिलाफ नाहरगढ़ थाने में मामला दर्ज था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसका मोबाइल फोन और पर्स जब्त कर लिया था। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद परिवादी अपना जब्त सामान वापस लेने की प्रक्रिया में था। इसी दौरान सामान लौटाने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी तक पहुंची। अब एसीबी यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में रिश्वत की मांग और लेन-देन किस तरह हुआ तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
ACB की पूछताछ और जांच जारी
आरोपी उप निरीक्षक की गिरफ्तारी के बाद एसीबी की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीबी ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब आगे की जांच में रिश्वत मांगने के पूरे घटनाक्रम और जब्त सामान से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाएगी।
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