हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में 14 प्रिंसिपलों को डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन के पद पर तैनात किया है। नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 14 प्रिंसिपलों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार ने इन सभी अधिकारियों को उनके मौजूदा वेतनमान में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एजुकेशन के पद पर विभिन्न जिलों और शाखाओं में तैनात किया है। इसके साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी बिना देरी किए तत्काल अपना नया कार्यभार संभालें।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक यह फेरबदल विभागीय कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और प्रशासनिक शाखाओं में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, ताकि शिक्षा व्यवस्था के संचालन में बेहतर समन्वय और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
सरकार ने आदेश में सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जिन अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है, उन्हें निर्धारित समय के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि कोई अधिकारी तय समयसीमा में जॉइन नहीं करता है तो उसकी यह नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
हालांकि इन नियुक्तियों पर एक कानूनी शर्त भी लागू रहेगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्लेसमेंट सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP Civil No. 26276/2024) ‘लेखराज एवं अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार एवं अन्य’ के अंतिम निर्णय के अधीन होंगे। यानी अदालत का अंतिम फैसला आने के बाद ही इन नियुक्तियों की स्थायी वैधानिक स्थिति स्पष्ट होगी।
शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर की ओर से जारी इस अधिसूचना के बाद विभाग में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई तैनातियों से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूती मिलेगी, हालांकि इन अधिकारियों का भविष्य अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी जुड़ा रहेगा।
