जयपुर के जगतपुरा में बैंक ऑफ इंडिया के बाहर दो बदमाशों ने 42 लाख रुपये लूट लिए। CCTV में पूरी वारदात कैद हुई। पुलिस रेकी और रकम की जानकारी लीक होने के एंगल पर जांच कर रही है।
जयपुर। राजधानी में सोमवार सुबह अपराधियों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसमें रकम बड़ी थी और समय बेहद कम। जगतपुरा के अक्षय पात्र चौराहे पर बैंक ऑफ इंडिया के बाहर करीब 42 लाख रुपये महज 60 सेकंड में लूट लिए गए। हेलमेट पहने दो बदमाश पहले से वारदात की तैयारी में थे। एक ने पिस्टल तानी और दूसरे ने नकदी से भरा बैग झपटा—इसके बाद दोनों बाइक पर बैठकर फरार हो गए।
घटना सुबह 10.41 बजे शुरू हुई और 10.42 बजे तक लुटेरे बैंक कर्मचारियों से कैश छीनकर निकल चुके थे। पूरी वारदात बैंक के एटीएम बूथ और आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है।
तीन दिन की छुट्टी के बाद निकाली जा रही थी बड़ी रकम
बैंक की दो महिला कर्मचारी एटीएम बूथ में लगी कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) से वह नकदी निकालकर बैंक के अंदर रखने जा रही थीं, जो तीन दिन के अवकाश के दौरान मशीन में जमा हुई थी। इसी दौरान दोनों बदमाश वहां पहुंच गए। एक बदमाश ने महिला कर्मचारियों पर पिस्टल तान दी, जबकि दूसरे ने नकदी से भरा बैग अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद दोनों बूथ से बाहर की ओर भागे। बैंक कर्मचारियों ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोगों ने भी लुटेरों का पीछा किया। बैंक मैनेजर भगवान भी कर्मचारियों के साथ बदमाशों के पीछे दौड़े, लेकिन लुटेरों की तैयारी पहले से पूरी थी।
सीढ़ियों पर खड़ा था साथी, बैग मिलते ही बाइक दौड़ी
पुलिस के मुताबिक CCTV फुटेज में वारदात का तरीका साफ नजर आ रहा है। बैग छीनने वाला बदमाश बाइक चलाने वाला था। वह भागते हुए बैंक की सीढ़ियों के पास खड़े अपने साथी तक पहुंचा और उसे बैग दे दिया। इसके बाद खुद बाइक की चालक सीट पर बैठा और दोनों तेज रफ्तार से मौके से निकल गए। बताया जा रहा है कि बाइक कुछ दूरी पर पहले से स्टार्ट खड़ी थी। यानी वारदात के बाद मौके से निकलने में एक पल भी बर्बाद नहीं किया गया।
सुरक्षा में कहां चूक हुई, पुलिस अब इस पर भी देख रही नजर
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने बैंक की पहले से रेकी की थी। उन्हें इस बात की जानकारी थी कि यहां कैश डिपॉजिट मशीन का इस्तेमाल होता है और एटीएम बूथ पर सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं रहता। खास बात यह भी है कि आसपास कुछ दूरी पर स्थित दो अन्य बैंकों में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बदमाशों ने बैंक को निशाना बनाने के लिए कौन-कौन सी जानकारी पहले जुटाई थी।
बैंक से जुड़े लोगों से भी पूछताछ
पुलिस बैंक में चाय-पानी का काम करने वाले दो भाइयों से भी पूछताछ कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह है कि तीन दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को मशीन से बड़ी रकम निकाली जानी है, इसकी जानकारी बदमाशों तक कैसे पहुंची। पुलिस बैंक कर्मचारियों की भूमिका और नकदी निकाले जाने की जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति तक पहुंचने की संभावना को भी जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है। रामनगरिया थानाधिकारी अनिल कुमार टेलर ने बताया कि बैंक मैनेजर की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान और उनके भागने के रास्ते तलाश रही है।
एक तरफ मतगणना की ड्यूटी, दूसरी तरफ राजधानी में बड़ी वारदात
सोमवार को जयपुर में मतगणना और गणेश चतुर्थी को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में तैनात था। इसी बीच जगतपुरा जैसे व्यस्त इलाके में बैंक के बाहर दिनदहाड़े 42 लाख रुपये की लूट ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजधानी में हाल के दिनों में अपराधियों के दुस्साहस की यह अकेली घटना नहीं है। 10 सितंबर को सेंट्रल पार्क से चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव गुप्ता के अपहरण की वारदात सामने आई थी, जिसका अभी तक सुराग नहीं लगा है।
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