अब किसानों और कारीगरों का सामान पहुंचेगा सीधे देशभर के ग्राहकों तक | ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के साथ खुला डिजिटल बाजार का नया दरवाजा

डिजीहाट ने ओएनडीसी प्लेटफॉर्म पर ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान शुरू किया है। इसके जरिए सहकारी समितियों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों के उत्पाद अब देशभर के ग्राहकों तक सीधे डिजिटल माध्यम से पहुंचेंगे।

नई दिल्ली। गांवों में बनने वाले ऑर्गेनिक उत्पाद, हथकरघा, हस्तशिल्प और सहकारी समितियों का सामान अब बड़े बाजारों तक पहुंचने के लिए बिचौलियों पर कम निर्भर रहेगा। सरकारी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस ‘डिजीहाट’ ने सोमवार से ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं, किसान समूहों और कारीगरों को डिजिटल कॉमर्स के जरिए सीधे देशभर के ग्राहकों से जोड़ना है।

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यह अभियान 29 जून से 6 जुलाई तक चलेगा और सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), कारीगर समूहों और उत्पादकों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को एक साझा डिजिटल मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।

इसी पहल के तहत ‘डिजीहाट’ ने एक विशेष ‘सहकार से समृद्धि स्टोर’ भी लॉन्च किया है। इस डिजिटल स्टोर के जरिए ग्राहक देश के अलग-अलग हिस्सों में तैयार किए गए उत्पादों को एक ही प्लेटफॉर्म पर देख और खरीद सकेंगे। अभियान का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र को राष्ट्रीय डिजिटल बाजार से जोड़कर उसकी पहुंच और बिक्री दोनों बढ़ाना है।

सरकार के अनुसार, देश में 8.5 लाख से अधिक पंजीकृत सहकारी समितियां हैं, जिनसे करीब 29 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। ये सदस्य कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, हथकरघा, ग्रामीण उद्योग और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में उत्पादकों को अब तक मुख्यधारा के ई-कॉमर्स बाजार तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है।

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डिजीहाट का कहना है कि ओएनडीसी आधारित यह प्लेटफॉर्म सहकारी समितियों, एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को अधिक ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर देगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी भी मजबूत करेगा।

डिजीहाट के मार्केटिंग प्रमुख शुभो सेनगुप्ता ने कहा कि भारत का सहकारी आंदोलन दुनिया के सबसे बड़े जन-आधारित आर्थिक नेटवर्क में शामिल है। उनका कहना है कि अब विकास का अगला चरण इन उत्पादकों को डिजिटल बाजार से जोड़ना है, ताकि वे सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकें और बेहतर आय अर्जित कर सकें।

इस अभियान में भारत ऑर्गेनिक्स प्रमुख ब्रांड पार्टनर के रूप में शामिल हुआ है। अभियान के दौरान ग्राहकों को विशेष ऑफर, चयनित उत्पादों का संग्रह और जागरूकता कार्यक्रम भी देखने को मिलेंगे। प्लेटफॉर्म पर ग्रॉसरी, ऑर्गेनिक फूड, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, पर्सनल केयर और घरेलू उपयोग की कई श्रेणियों के उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे।

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