छिंदवाड़ा में 3.5 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे कारोबारी ने बैंक लूटने की फिल्मी साजिश रची। 34 घंटे तक बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में लॉकर काटने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सुतली बम धमाके के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
छिंदवाड़ा। फिल्मों में आपने बैंक लूट की कई कहानियां देखी होंगी, लेकिन मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक कारोबारी ने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी ‘हीस्ट’ को हकीकत में बदलने की कोशिश कर डाली। करीब 3.5 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे ऑटो पार्ट्स कारोबारी ने बैंक का पैसा उड़ाकर अपनी आर्थिक मुश्किलों से निकलने का ऐसा प्लान बनाया, जिसकी तैयारी कई दिनों तक चली। उसने बैंक की रेकी की, सुरक्षा व्यवस्था को परखा, छुट्टियों का हिसाब लगाया और फिर बैंक के अंदर घुसकर करीब 34 घंटे तक स्ट्रॉन्ग रूम में जमे रहने का जोखिम उठा लिया। लेकिन उसकी पूरी पटकथा पुलिस की सतर्कता के सामने ढह गई।
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घटना छिंदवाड़ा में सत्कार तिराहा स्थित बैंक ऑफ इंडिया की है। पुलिस के अनुसार आरोपी चंद्र प्रकाश लोखंडे पिछले 15 वर्षों से ऑटो पार्ट्स का कारोबार कर रहा था। कारोबार में लगातार नुकसान और बैंक व निजी स्रोतों से लिए गए करीब 3.5 करोड़ रुपये के कर्ज ने उसे इस हद तक पहुंचा दिया कि उसने बैंक लूटने की साजिश रच डाली। पिछले आठ महीनों से आर्थिक संकट गहराने के बाद उसने बैंक की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।
योजना को अंजाम देने से पहले वह बैंक मैनेजर से मिलने के बहाने शाखा पहुंचा और करीब एक घंटे तक बैंक के भीतर रहकर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। इसी दौरान उसे पता चला कि बैंक बंद होने के बाद रात में कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं रहता। यही जानकारी उसकी पूरी योजना की सबसे बड़ी कड़ी बन गई।
लगातार तीन दिन की छुट्टियों का फायदा उठाकर वह बैंक परिसर में दाखिल हो गया। अपने साथ गैस कटर, हथौड़ी, छेनी और अन्य औजार लेकर पहुंचा आरोपी सीधे स्ट्रॉन्ग रूम तक पहुंचा और लॉकर काटने में जुट गया। उसने घंटों तक कोशिश की, लेकिन मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण लॉकर नहीं टूट सका। इस दौरान वह बैंक के अंदर ही छिपा रहा और अपने साथ खाने-पीने का सामान भी लेकर गया था ताकि लंबे समय तक बाहर निकले बिना काम कर सके।
करीब 34 घंटे बाद बैंक में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस और बैंक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर आरोपी ने बच निकलने के लिए अपने साथ लाया सुतली बम फोड़ दिया। धमाके से अफरा-तफरी मच गई और इसी दौरान उसने भागने की कोशिश की।
आरोपी को पकड़ने के दौरान सब-इंस्पेक्टर नारायण बघेल धमाके में घायल हो गए, लेकिन उन्होंने पीछा नहीं छोड़ा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कुछ ही देर में आरोपी को दबोच लिया और उसकी पूरी योजना वहीं धराशायी हो गई।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी बैंक के अंदर कैसे पहुंचा, गैस कटर और अन्य उपकरण कहां से लाया तथा इस पूरी साजिश में कोई और शामिल था या नहीं। साथ ही उसके आर्थिक लेन-देन, कर्ज और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे भारी कर्ज और आर्थिक तंगी से उपजी सुनियोजित साजिश मान रही है।
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