अहमदाबाद
गुजरात से एक बड़े सियासी उलटफेर की खबर आ रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने शनिवार को अचानक से मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। गुजरात में अभी चुनाव में एक साल बाकी है, लेकिन रूपानी ने उससे पहले ही इस्तीफ़ा दे दिया। उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक पंडित अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
रूपानी ने अपने इस्तीफ़ा के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए इतना ही कहा कि पार्टी में समय के साथ दायित्व बदलते रहते हैं। भाजपा में यह स्वभाविक प्रक्रिया है। मुझे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली, जो मैंने पूरी की है।
रुपाणी ने कहा कि जेपी नड्डा जी का भी मार्गदर्शन मेरे लिए अभूतपूर्व रहा है। अब मुझे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी मैं उसका निर्वहन करूंगा। हम पद नहीं जिम्मेदारी कहते हैं। मुझे जो जिम्मेदारी मिली थी वह मैंने पूरी की है। हम प्रदेश के चुनाव नरेंद्र मोदी जी की अगुवाई में लड़ते हैं और 2022 का चुनाव भी उन्हीं की अगुवाई में लड़ा जाएगा।
आपको बता दें रुपाणी ने 26 दिसंबर, 2017 को दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बीजेपी ने गुजरात में 182 सीटों में से 99 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। विधानमंडल दल की बैठक में रुपाणी को विधायक दल का नेता और नितिन पटेल को उपनेता चुना गया था।
गुजरात में अगले साल दिसंबर 2022 में विधानसभा चुनाव हैं, जिसके पहले विजय रुपाणी का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया जाना काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अब नए नेतृत्व के साथ बीजेपी गुजरात में अगला चुनाव लड़ने जा रही है। पिछले कुछ महीनों से आम आदमी पार्टी भी राज्य में बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रही है।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर समेत कई मुद्दों को पार्टी ने जोर-शोर से उठाते हुए रुपाणी सरकार को घेरा है, जबकि कांग्रेस ने भी पिछले गुजरात चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ता भी लगातार गुजरात में सक्रिय होकर मुद्दों को उठाते रहे हैं।
बड़ा सवाल! अमित शाह क्यों आए थे?
गुरुवार रात को अमित शाह अपनी बहन के घर पहुंचे थे तो लगा कि पारिवारिक काम से आए होंगे, लेकिन अब लग रहा है कि शायद सत्ता में बदलाव के सिलसिले में ही वे गुजरात पहुंचे होंगे।
अब कौन?
विजय रुपाणी के बाद नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। बता दें कि कुछ सालों को छोड़कर साल 1995 से ही गुजरात में ज्यादतर बीजेपी की सरकार रही है। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- मानसरोवर में बच्चों की मुस्कान के बीच हुई एक जरूरी पहल | बाल अधिकारों से लेकर सुरक्षा तक दी गई जानकारी
- असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा ब्रेक, अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक | विवादित प्रश्नों पर RPSC और उच्च शिक्षा सचिव से जवाब तलब
- PNB की चेस्ट में ही छिपा था 17.29 करोड़ का खेल, मैनेजर गिरफ्तार, अब खुलेगा नकली नोटों का वो राज जो हिला देगा पूरा नेटवर्क | NIA ने कसी नकेल
- राजस्थान में प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलना हुआ आसान; सरकार ने हटाई जमीन की शर्त, अब सिर्फ इतना कारपेट एरिया जरूरी
- पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार ने दो बड़े फैसलों पर लिया यू-टर्न; DA की लड़ाई अभी बाकी | ਪੰਜਾਬ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਹੜਤਾਲ ਖਤਮ, ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਦੋ ਵੱਡੇ ਫੈਸਲਿਆਂ ‘ਤੇ ਲਿਆ ਯੂ-ਟਰਨ; ਡੀਏ ਦੀ ਲੜਾਈ ਅਜੇ ਵੀ ਲੰਬਿਤ
- राजस्थान में फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज; अगले दौर को लेकर आया ये बड़ा अपडेट | जारी हुआ यलो अलर्ट
- ‘डरपोक जज कहलाना मंजूर नहीं, मरना पसंद करूंगा’, माफिया के दबाव के बीच जज ने सुनाई नदीम को फांसी
- मंत्रोच्चारण के साथ पौधारोपण, महारानी श्री जया कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश
- उजड़ा हुआ घोंसला…
- सरकारी बैंक अधिकारियों को बड़ा झटका या राहत? PLI स्कीम पर सरकार ने लगाई रोक | 19 नवंबर 2024 की व्यवस्था अब ठंडे बस्ते में, नए फॉर्मूले पर यूनियनों से होगी बातचीत
