जयपुर
जयपुर में 28 मई तड़के करीब तीन बजे एक ट्रीटमेंट प्लांट से जहरीली गैस का रिसाव हो गया। इसे लोगों में दहशत फ़ैल गई। ट्रीटमेंट प्लांट के आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया है। रिसाव पर काबू करने की कोशिशें जारी हैं। गैस का रिसाव होने से लोगों की आंखों में जलन होने लगी। जहरीली गैस का यह रिसाव जयपुर शहर के ब्रह्मपुरी इलाके में आमेर रोड पर स्थित गोविंद नगर में नगर निगम द्वारा संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में हुआ। आसपास जब इसकी बदूबदार गंध आई तो लोगों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। बाद में जैसे ही ट्रीटमेंट प्लांट से जहरीली गैस रिसने की सूचना मिली तो वहां हड़कंप मच गया।
गैस का रिसाव होने से घरों में सो रहे लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। अफरा-तफरी में लोग घर छोड़कर भाग निकले। कई घंटे तक घरों से दूर सार्वजनिक पार्क और सड़क पर रात गुजारनी पड़ी। वहीं, गैस रिसाव की वजह से प्लांट में मौजूद दो कर्मचारियों की हालत बिगड़ गई। उनको SMS अस्पताल पहुंचाया गया।एसडीआरएफ और नगर निगम समेत अन्य कई सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने में घंटों तक जुटी रहीं। इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में करीब 900 लीटर क्लोरीन गैस से भरे दो बड़े सिलेंडर हैं। बताया जाता है कि इन्हीं में से एक सिलेंडर में लीकेज हो गया जिससे क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ।
घुटने लगा तो मचने लगी भगदड़
कुछ ही देर में गैस गोविंद नगर, नगर निगम कॉलोनी, शंकर नगर कॉलोनी तक फैलने लगी। इससे घरों में सो रही आंखों में जलन होने लगी। तबीयत बिगड़ने पर लोगों ने आसपास के लोगों को जगाया। इस बीच बुजुर्गो का गैस से दम घुटने लगा। बच्चे और महिलाएं रोने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस के उच्चाधिकारी और रात्रि गश्त पर मौजूद करीब आठ थानों की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने माइक से अनाउंसमेंट करवाकर लोगों को घरों से बाहर निकलने को कहा।
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तकनीकी इंजीनियर्स को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बुलाया गया। दमकल की गाड़ियां मंगवाई गईं। तब इंजीनियरों ने जिस सिलेंडर में गैस रिसाव हो रहा था। उसे एक हौद में डाल दिया। इसके बाद दमकल से पानी डलवाकर उसे भर दिया। इससे गैस का रिसाव कम हो गया। पुलिस के मुताबिक हालत यह थी कि गैस रिसाव की वजह से प्लांट के पास जाना मुश्किल हो गया था।
