चंडीगढ़। हरियाणा के तेजी से बदलते कारोबारी नक्शे पर अब गोदरेज ने भी बड़ा दांव खेल दिया है। 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश और उससे करीब 40,000 रोजगार के अवसर—गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह की यह योजना महज एक निवेश घोषणा नहीं, बल्कि राज्य में उसके कारोबार को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है।
समूह ने इसके लिए हरियाणा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। खास बात यह है कि कंपनी राज्य में पहले से करीब 12,000 करोड़ रुपये लगा चुकी है और उसके विभिन्न कारोबारों से लगभग 9,000 लोग जुड़े हुए हैं। यानी नया निवेश उस मौजूदगी के ऊपर खड़ा होने वाला अगला बड़ा विस्तार है।
सबसे बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट का, पांच शहरों तक फैलेगा दायरा
नए निवेश में गोदरेज प्रॉपर्टीज की भूमिका काफी बड़ी रहने वाली है। कंपनी हरियाणा में पहले ही करीब 11,000 करोड़ रुपये लगा चुकी है और वित्त वर्ष 2028 तक 16,000 करोड़ रुपये और निवेश करने की योजना बना रही है।
फिलहाल गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद, पानीपत और कुरुक्षेत्र में कंपनी के 18 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आने वाली परियोजनाओं से 11,000 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। यानी गोदरेज का अगला विस्तार सिर्फ गुरुग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य के अलग-अलग शहरी बाजार उसकी निवेश रणनीति में शामिल हैं।
गुरुग्राम पर अलग से 3,500 करोड़
गोदरेज समूह ने गुरुग्राम के लिए एक और बड़ा प्लान रखा है। उसके रियल एस्टेट प्राइवेट इक्विटी कारोबार गोदरेज वेंचर्स की Grade A+ ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर में 3,500 करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश करने की योजना है। कंपनी के मुताबिक इस निवेश से 30,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हो सकते हैं। इससे गुरुग्राम में कॉरपोरेट ऑफिस, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटरों के लिए कारोबारी माहौल और मजबूत होने की उम्मीद है। यानी 20 हजार करोड़ के पूरे निवेश पैकेज में गुरुग्राम को खास प्राथमिकता मिलती दिख रही है।
गोदरेज को हरियाणा में ऐसा क्या दिख रहा है?
समूह के चेयरपर्सन पीरोजशा गोदरेज ने हरियाणा को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण ग्रोथ सेंटर बताया है। उनके मुताबिक राज्य की आर्थिक क्षमता, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और गुरुग्राम का बड़े वाणिज्यिक एवं रोजगार केंद्र के रूप में उभरना लंबे समय के निवेश के लिए मजबूत आधार है।
गोदरेज समूह के ग्रुप हेड एवं प्रेसिडेंट-कॉरपोरेट अफेयर्स राकेश स्वामी ने भी MoU को हरियाणा में लंबे समय के निवेश को लेकर समूह के भरोसे से जोड़ा है। उनके अनुसार राज्य में आवासीय और वाणिज्यिक विकास से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं तक कई क्षेत्रों में संभावनाएं हैं।
मामला सिर्फ जमीन और इमारतों तक नहीं
गोदरेज की हरियाणा में मौजूदगी रियल एस्टेट से कहीं आगे है। गोदरेज कैपिटल की राज्य में पांच शाखाएं हैं और उसकी वित्तीय सेवाओं के माध्यम से करीब 550 करोड़ रुपये की बुकिंग की जा चुकी है।
वहीं गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का भी राज्य में बड़ा वितरण नेटवर्क है। कंपनी के यहां 42 प्रत्यक्ष वितरक और 250 से ज्यादा ग्रामीण स्टॉकिस्ट बताए गए हैं। समूह CSR गतिविधियों पर सालाना करीब 1 करोड़ रुपये और बुनियादी ढांचे से जुड़ी पहलों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की बात भी कहता है।
असली कहानी अब शुरू होगी
20 हजार करोड़ रुपये का MoU हो चुका है, रोजगार के आंकड़े भी सामने हैं और निवेश का खाका भी तैयार है। लेकिन अब निगाह इस पर रहेगी कि प्रस्तावित परियोजनाएं किस रफ्तार से जमीन पर उतरती हैं।
क्योंकि अगर यह निवेश योजना तय दिशा में आगे बढ़ती है, तो इसका असर केवल गोदरेज के कारोबार पर नहीं होगा। गुरुग्राम के कॉरपोरेट विस्तार से लेकर हरियाणा के शहरी विकास और रोजगार बाजार तक इसकी गूंज दिखाई दे सकती है।
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