संकल्प…

“मैडम, रक्षाबंधन क्या होता है? मेरी कक्षा के लड़के कह रहे थे कि कल बहिनें उन्हें राखी बांधेगी। मुझे कौन राखी बांधेगा?” फुलवारी बाल आश्रम के सबसे छोटे बच्चे विकास ने दीप्ति से पूछा। पिछले साल अपने

अखिल भारतीय काव्य-सम्मेलन ‘एक शाम शहीदों के नाम’ का ऑनलाइन आयोजन

जयश्री फाउंडेशन के तत्वावधान में राजश्री साहित्य अकादमी मंच द्वारा स्वतंत्रता -दिवस की पूर्व संध्या पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’ का एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय ऑनलाइन काव्य-सम्मेलन

बारिश के रूप…

तेज गर्मी के बाद आज आकाश में काले घने बादलों का दिखना सबको सुकून दे रहा था और हर कोई बारिश की बूंदों का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। इस बार पड़ी भीषण गर्मी और लू ने इंसान,जीव जंतु और पेड़ पौधों सबका

बादल भैया…

बादल भैया दौड़ रहे क्यों,
गुस्से में मुंह ऐंठकर।
सावन सूखा निकल रहा,क्यों,

मैं गुरू हूं…! हरि रूठे गुरू ठौर है, गुरू रूठे नहीं ठौर

मानव जीवन से अज्ञानता रूपी अंधकार को मिटाना ही मेरा मूल ध्येय है। तम से उजाले की ओर ले जाने को मैं ध्यानमग्न ही नहीं रहता, अपने लक्ष्य से टस से मस तक नहीं होता। मेरी थकान तब काफूर हो जाती है, जब शिष्य बुलंदी

अरमान…

ना कोई चाहत ना कोई आस
करती हूं बस एक यही प्रयास
ना कोई मुझसे हो निराश

वट वृक्ष…

बचपन में कंधों पर घुमाते,
हर छोटी बड़ी फरमाइश को
पूरा करते पिता

श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डीग ने की साहित्यकार पुरस्कारों की घोषणा

श्री हिंदी पुस्तकालय समिति डीग के अपने स्थापना दिवस पर होने वाले साहित्यकार सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले साहित्यकारों के पुरस्कारों की घोषणा की। समिति के अध्यक्ष

इंसानियत…

इस वर्ष कुछ ज्यादा ही भीषण गर्मी पड़ रही थी। सुबह से ही नलों में गरम पानी आ रहा था। शालिनी ने जब सूरज को आग उगलते देखा तो गर्मी से बचाव के उपाय में

भव सागर सहज तर जाएं…

चार दिनों का है ये जीवन
खुशियों से हो जाए रोशन