ज्ञानपीठ सम्मान से अलंकृत होंगे विनोद कुमार शुक्ल, हिंदी के 12वें साहित्यकार बने

हिंदी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल (Vinod Kumar Shukla) को वर्ष 2024 के लिए 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award) से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। भारतीय ज्ञानपीठ ने शनिवार को यह

घरों से लुप्त होते रसोईघर…

आइये मेरे साथ कुछ कदम पीछे, एक यादों का झरोखा खोलकर देखिए जो आपको ज्यादा नहीं 20-25 साल पीछे ले जा सके। दादी नानी का घर जिसमें बड़ा सा दालान या

घरों से लुप्त होते रसोईघर…

आइये मेरे साथ कुछ कदम पीछे, एक यादों का झरोखा खोलकर देखिए जो आपको ज्यादा नहीं 20-25 साल पीछे ले जा सके। दादी नानी का घर जिसमें बड़ा सा दालान या

हे बसन्त! तुम फिर से आना…

कैसा ये बसंत आया है,
बसंती रंग न लाया है।
न सरसों खेतों में फूली,
न प्रेयसी बाहों में झूली,
न प्रेम पगी कलियां खिली

ये काल रात्रि अब अंतिम है… 

ये काल रात्रि अब अंतिम है,
कल फ़िर इक नया सवेरा है l
ग़म के सागर छूट गए सब,
खुशियो का नया बसेरा है

अलविदा….2024

कड़कड़ाती ठंड भयंकर शीत लहरी,
कांपते कांपते बीती जनवरी।
बसंत की आहट, ऋतु सुनहरी,

सोच का अंतर… 

लघु कथा  डॉ. शिखा अग्रवाल  मिसेज वर्मा की बेटी की शादी को 2 साल होने को आए। उन्हें सदा यही कहते सुना है, “मैंने तो कनु को कह रखा है,…

रात अमावस में दीपों की…

रात अमावस में दीपों की,
शोभा अजब निराली।
त्यौहारों में सबसे प्यारा

पारिजात…

श्वेत पंखुड़ियों का स्पर्श मधुर,
हरसिंगार मानो चित्रित स्वप्न,
सजीव रंगों का जादू सा सिंगार,

इन विकारों का करें शमन…

मात्र दशानन के दहन से कुछ न होगा
दमन दस विकारों का हमें करना होगा